लूणकरणसर में पशु मेला पशु सौंदर्य प्रतियोगिताओं के साथ सांस्कृतिक छटा ने मोहा मन

लूणकरणसर में पशु मेला पशु सौंदर्य प्रतियोगिताओं के साथ सांस्कृतिक छटा ने मोहा मन
STBA 5 JUNE 2026
quicjZaps 15 sept 2025
खमत खामणा

बीकानेर, 10 फ़रवरी । लूणकरणसर में आयोजित हो रहे राज्य स्तरीय पशु मेले के दौरान मंगलवार का दिन विभिन्न पशु प्रतियोगिताओं के नाम रहा, जिसमें राजस्थान की समृद्ध पशुपालन परंपरा की झलक देखने को मिली। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. बीरमाराम के मार्गदर्शन में विशेषज्ञों की एक चयन समिति ने स्कोरकार्ड प्रणाली के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में विजेता पशुओं का चयन किया। इस प्रतियोगिता में अश्व, ऊँट, भेड़ और बकरी जैसे पशुओं के शारीरिक गठन और नस्ल की शुद्धता को परखा गया, जिसमें क्षेत्र के पशुपालकों ने बड़े उत्साह के साथ अपने पशुओं का प्रदर्शन किया।

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अश्व प्रतियोगिता के अंतर्गत घोड़ी वंश में राकेश दास की घोड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी नस्ल का लोहा मनवाया, जबकि घोड़ा वंश में कुम्भा राम का घोड़ा शीर्ष पर रहा। इसी प्रकार रेगिस्तान के जहाज कहे जाने वाले ऊँटों की प्रतियोगिता में भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जहाँ नर श्रेणी में बिशनदास और मादा श्रेणी में जय नारायण जाट के ऊँटों ने बाजी मारी। भेड़ और बकरी श्रेणियों में भी पशुपालकों के बीच प्रतिस्पर्धा रही, जिसमें भेड़ वर्ग में बनवारी और बकरी वर्ग में महावीर और मोहम्मद सलीम के पशुओं को सर्वश्रेष्ठ चुना गया।

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पशु प्रदर्शन के साथ-साथ मेले में ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिताओं ने भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कबड्डी के रोमांचक मुकाबले में धीरेरां की टीम ने अपना दबदबा कायम रखते हुए प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि सुरनाना और लूणकरणसर की टीमें क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। दिनभर की इन गतिविधियों के बाद शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें धधकते अंगारों पर किया गया प्रसिद्ध ‘अग्नि नृत्य’ आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। कार्यक्रम के अंत में मेला सचिव डॉ. बीरमाराम ने विजेताओं को पुरस्कृत कर उनकी हौसला अफजाई की।

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