मारपीट से तंग आकर पत्नी ने ही की थी पति की हत्या, 6 महीने बाद पुलिस ने दबोचा

खाजूवाला हत्याकाण्ड का सनसनीखेज खुलासा
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खाजूवाला हत्याकाण्ड का सनसनीखेज खुलासा

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बीकानेर, 12 फ़रवरी । खाजूवाला के चक 13 डीकेडी में छह महीने पहले हुई एक युवक की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस मौत को शुरुआती दौर में महज एक आगजनी का हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी हत्या थी। पुलिस ने इस मामले में मृतक राजकुमार की पत्नी वीरपाल कौर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पत्नी ने कबूल किया है कि पति की रोज-रोज की मारपीट और प्रताड़ना से तंग आकर उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था।

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घटनाक्रम के अनुसार, 11 अगस्त 2025 को पुलिस को एक जला हुआ शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। प्रथम दृष्टया इसे कमरे में आग लगने से हुई दुर्घटना बताया गया था। हालांकि, मृतक के पिता पप्पुराम ने अपने बेटे की मौत पर संदेह जताते हुए खाजूवाला थाने में मामला दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि राजकुमार की मृत्यु सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई थी।

मनोवैज्ञानिक पूछताछ के आगे टूटी आरोपी पत्नी
मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए बीकानेर के नयाशहर थानाधिकारी कविता पूनियां, महिला थानाधिकारी विशु वर्मा और हेड कांस्टेबल कौशल्या की टीम ने संदिग्ध पत्नी वीरपाल कौर से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की। पुलिस द्वारा तैयार की गई विशेष प्रश्नावली का जब वीरपाल कौर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई, तो वह टूट गई और अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि हत्या वाली रात उसने बेड की चादर से राजकुमार का मुंह दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया था।

वारदात को हादसे का रूप देने के लिए आरोपी महिला ने कमरे की अलमारी में आग लगा दी और कमरे को बाहर से बंद कर पड़ोस की ढाणी में चली गई। अगली सुबह उसने वापस लौटकर अपने पिता और पुलिस को पति की मौत की झूठी सूचना दी। वर्तमान में पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

विशेष टीम की रही अहम भूमिका
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में पुलिस उप अधीक्षक (महिला अपराध सेल) संजीव चौहान, नयाशहर थानाधिकारी कविता पूनिया, महिला थानाधिकारी विशु वर्मा, एएसआई राम कुमार, हेड कांस्टेबल कौशल्या और भगवान सिंह की विशेष भूमिका रही। पुलिस की इस सतर्कता और वैज्ञानिक जांच ने 6 महीने पुराने इस राज से पर्दा उठा दिया है।

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