आध्यात्मिक क्रांति का संकल्प दिवस है महाशिवरात्रि
आध्यात्मिक क्रांति का संकल्प दिवस है महाशिवरात्रि


- ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में फहराया गया शिव ध्वज
बीकानेर, 15 फरवरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सार्दुलगंज क्षेत्रीय केंद्र पर रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व आध्यात्मिक चेतना और संकल्प दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बी.के. कमल ने गणमान्य अतिथियों के साथ शिव ध्वज फहराया और परमात्मा शिव के दिव्य संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।


समारोह को संबोधित करते हुए बी.के. कमल ने शिवरात्रि के गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिवरात्रि केवल एक पारंपरिक त्योहार नहीं, बल्कि आत्म-जागृति और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का महान अवसर है। उन्होंने ‘शिव’ शब्द के अर्थ और रात्रि के अंधकार को अज्ञानता का प्रतीक बताते हुए ज्ञान के प्रकाश से स्वयं को आलोकित करने पर जोर दिया।


पर-निंदा से मुक्ति और सद्गुणों के धारण का लिया संकल्प
शिव ध्वज की छांव में आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों को आध्यात्मिक सशक्तिकरण का संकल्प दिलाया गया। बी.के. कमल ने सभी को ‘पर-चिंतन’, ‘पर-दर्शन’ और ‘पर-निंदा’ जैसी बुराइयों से मुक्त रहने की प्रतिज्ञा करवाई। उन्होंने कहा कि यदि हम स्वयं को संतुष्ट रखते हुए शुभ भावना और शुभकामना के मंत्र को अपनाएं, तो हर आत्मा को संतुष्ट कर सकते हैं।
विश्व शांति के लिए सामूहिक राजयोग अभ्यास
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में आत्म-परिवर्तन के सूत्र शामिल रहे, जिसमें सत्यता, मधुरता और नम्रता जैसे दिव्य गुणों को दृढ़तापूर्वक जीवन में धारण करने का संदेश दिया गया। समारोह के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने एक साथ बैठकर विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए सामूहिक राजयोग ध्यान (Meditation) किया। इस दौरान वातावरण अत्यंत शांत और रूहानी ऊर्जा से ओत-प्रोत नजर आया। बड़ी संख्या में क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने इस उत्सव में भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
