सरकारी बैंक के असिस्टेंट मैनेजर ने लॉकर से उड़ाया 4 करोड़ का सोना, सट्टे की लत में डूबी ग्राहकों की अमानत
सरकारी बैंक के असिस्टेंट मैनेजर ने लॉकर से उड़ाया 4 करोड़ का सोना, सट्टे की लत में डूबी ग्राहकों की अमानत


बैंकिंग जगत में सनसनी


बेंगलुरु, 14 फ़रवरी । मलयालम फिल्म ‘लकी भास्कर’ की रील लाइफ कहानी बेंगलुरु में तब ‘रियल’ हो गई, जब एक सरकारी बैंक के असिस्टेंट मैनेजर ने ही बैंक की साख पर बट्टा लगा दिया। गिरिनगर स्थित इंडियन बैंक की शाखा में तैनात असिस्टेंट मैनेजर ई. किरण कुमार को पुलिस ने ग्राहकों के लॉकर से 4.12 करोड़ रुपये मूल्य का 2.783 किलोग्राम सोना चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने इस सोने को निजी फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखा और उससे मिली रकम को ऑनलाइन सट्टेबाजी में हार गया।


यह चौंकाने वाला मामला तब सामने आया जब 2 फरवरी को एक महिला ग्राहक अपना गोल्ड लोन चुकता करने के बाद अपने गहने लेने बैंक पहुँची। लॉकर खोलने पर जब गहने गायब मिले, तो बैंक प्रबंधन के होश उड़ गए। बैंक के जोनल हेड दिलीप कुमार की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें बैंक के अपने ही अधिकारी की संलिप्तता उजागर हुई।
सट्टे की लत ने बनाया अपराधी: 5 करोड़ से ज्यादा गंवाए
आंध्र प्रदेश के चित्तूर का मूल निवासी किरण कुमार वर्ष 2019 से बैंक में कार्यरत था। जांच में सामने आया कि किरण को ऑनलाइन सट्टेबाजी की भीषण लत थी। वह अपनी पूरी सैलरी, परिवार के जेवर और दोस्तों से लिया गया उधार पहले ही सट्टे में गंवा चुका था। जब कर्ज का बोझ बढ़ा, तो उसने बैंक लॉकर की चाबियों का दुरुपयोग करना शुरू किया।
पुलिस के अनुसार, किरण ने नवंबर 2024 से जनवरी 2026 के अंत तक किश्तों में इस चोरी को अंजाम दिया। वह अक्सर ऑफिस के समय से पहले या स्टाफ के जाने के बाद अकेले में लॉकर खोलता था। उसे पता था कि किस ग्राहक के लॉकर में कितना सोना है, क्योंकि गोल्ड लोन की प्रक्रिया और हस्ताक्षरों की जिम्मेदारी उसी के पास थी।
कैसे काम करता था ‘सट्टेबाज’ मैनेजर?
गिरवी रखकर कर्ज: चुराए गए सोने को उसने विभिन्न प्राइवेट गोल्ड लोन कंपनियों में गिरवी रखकर करीब 2.5 करोड़ रुपये प्राप्त किए।
ऑनलाइन बेटिंग: इस पूरी राशि को उसने बेटिंग ऐप्स पर लगा दिया। जांच में पता चला कि आरोपी अब तक कुल 5 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा झेल चुका है।
बरामदगी: पुलिस ने अब तक आरोपी के पास से करीब 700 ग्राम सोना बरामद कर लिया है, जबकि शेष सोना फाइनेंस कंपनियों से जब्त करने की प्रक्रिया जारी है।
ग्राहकों के लिए राहत: घबराने की जरूरत नहीं
इस घटना के बाद बैंक लॉकर की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, साउथ डिवीजन के डीसीपी लोकेश जगलासर ने ग्राहकों को आश्वस्त करते हुए कहा, “ग्राहकों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। चोरी हुआ पूरा सोना कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर बैंक को लौटाया जाएगा, जिसके बाद बैंक संबंधित ग्राहकों को उनके गहने सौंप देगा।”
फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और उससे पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस साजिश में बैंक का कोई अन्य कर्मचारी भी शामिल था।
