महेश भवन में समाज ने मगनलाल जी चाँडक को दी अश्रुपूरित विदाई, सेवा के संकल्प को दोहराया
महेश भवन में समाज ने मगनलाल जी चाँडक को दी अश्रुपूरित विदाई, सेवा के संकल्प को दोहराया


बीकानेर, 16 फरवरी। बीकानेर के प्रतिष्ठित समाजसेवी और करुणा की प्रतिमूर्ति स्वर्गीय मगनलाल जी चाँडक की पावन स्मृति में सोमवार को दागा चौक स्थित महेश भवन में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह अवसर केवल एक शोक सभा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके द्वारा चार दशकों से सींची गई सेवा-परंपरा के प्रति समाज की कृतज्ञता का संगम बन गया। समाज के विभिन्न वर्गों और गणमान्य जनों ने नम आंखों से अपने प्रिय जननायक को नमन किया।


समारोह की शुरुआत अत्यंत शालीन वातावरण में हुई, जहाँ मगनलाल जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने उनके जीवन को ‘निःस्वार्थ सेवा का पथिक’ बताते हुए कहा कि उन्होंने समाज के अभावग्रस्त वर्गों के लिए जो कार्य किए, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक जीवित दस्तावेज की तरह रहेंगे।


सेवा ही था जिनका धर्म: श्री कृष्ण अन्न क्षेत्र की विरासत
श्रद्धांजलि सभा में विशेष रूप से उनके द्वारा संचालित ‘श्री कृष्ण अन्न क्षेत्र’ के प्रकल्पों को याद किया गया। वक्ताओं ने बताया कि किस तरह मगनलाल जी ने हर माह, हर त्योहार और हर आपदा के समय यह सुनिश्चित किया कि कोई भी परिवार भूखा न सोए। भोजन सामग्री के वितरण के साथ-साथ:
शिक्षा: जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उठाना।
पेंशन: एकल और निराश्रित महिलाओं के लिए मासिक आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना।
स्वास्थ्य: गरीब मरीजों के लिए चिकित्सा सुविधाओं का प्रबंध करना।
स्मृतियों में जीवित रहेंगे सेवा-मूल्य
दिवंगत आत्मा की शांति के लिए उपस्थित जनसमूह ने दो मिनट का सामूहिक मौन रखा। इसके पश्चात उनके परिजनों और निकट सहयोगियों ने मगनलाल जी के सरल स्वभाव और उनके द्वारा सिखाए गए संस्कारों को साझा किया। समाज के वरिष्ठजनों ने एक स्वर में कहा कि भले ही वे शारीरिक रूप से विदा हो गए हैं, लेकिन उनके सेवा-मूल्य बीकानेर की गलियों में सदैव जीवंत रहेंगे।
समाज के प्रमुख जनों की रही उपस्थिति
इस गरिमामय सभा में माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष गोपीकिशन पेड़ीवाल, रघुवीर झॅंवर, तोलाराम पेड़ीवाल, कालूजी राठी, दाऊलाल बिन्नाणी, बृजमोहन चाँडक, रमेश चाँडक, बलदेव मुंधड़ा और प्रोफेसर नरसिंह बिन्नाणी सहित सैकड़ों समाजबंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल और भावपूर्ण संचालन प्रीति क्लब के सचिव रघुवीर झॅंवर ने किया। उन्होंने समापन पर ईश्वर से प्रार्थना की कि शोक-संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति मिले।
