1 अप्रैल से बदल जाएंगे आपकी जेब से जुड़े ये नियम, पैन और टैक्स में बड़ी राहत
1 अप्रैल से बदल जाएंगे आपकी जेब से जुड़े ये नियम, पैन और टैक्स में बड़ी राहत


नई दिल्ली, 18 फरवरी। नए वित्तीय वर्ष की आहट के साथ ही देश की कर व्यवस्था और वित्तीय नियमों में क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहे हैं। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले ‘नए इनकम टैक्स एक्ट 2025’ के तहत केंद्र सरकार ने आम आदमी को बड़ी राहत देते हुए कई जटिलताओं को कम किया है। पैन कार्ड की अनिवार्यता से लेकर बच्चों की पढ़ाई पर मिलने वाली टैक्स छूट तक, अगले वित्तीय वर्ष से आपकी बैलेंस शीट पूरी तरह बदलने वाली है।


इन बदलावों का सीधा असर सैलरीड क्लास, निवेशकों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा। आइए जानते हैं कि 1 अप्रैल से क्या-क्या बदलने वाला है:


पैन कार्ड (PAN): छोटे लेन-देन में मिली बड़ी छूट
सरकार ने डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा देते हुए छोटे ट्रांजैक्शन से पैन कार्ड की झंझट खत्म कर दी है।
कैश ट्रांजैक्शन: अब बैंक या पोस्ट ऑफिस में साल भर में 10 लाख रुपये तक की नकद जमा या निकासी पर पैन देना जरूरी नहीं होगा।
सस्ती गाड़ियां: मध्यम वर्ग के लिए राहत की बात यह है कि 5 लाख रुपये तक की नई कार या बाइक खरीदने पर अब पैन कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी।
प्रॉपर्टी: प्रॉपर्टी खरीदने की सीमा भी 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है।
लाइफस्टाइल: होटल या रेस्टोरेंट में अब 1 लाख रुपये तक के बिल पर पैन कार्ड नहीं मांगना होगा।
बच्चों की पढ़ाई: टैक्स बचत में बंपर इजाफा
पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) चुनने वाले अभिभावकों के लिए सरकार ने दशकों पुराने नियमों को अपडेट किया है।
एजुकेशन अलाउंस: अब तक मिलने वाले 100 रुपये प्रति माह को बढ़ाकर सीधे 3,000 रुपये प्रति बच्चा (अधिकतम दो बच्चों तक) कर दिया गया है।
हॉस्टल अलाउंस: हॉस्टल खर्च पर राहत को 300 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रति माह किया गया है।
फायदा: इससे सालाना टैक्स देयता में हजारों रुपये की सीधी बचत होगी।
शेयर बाजार: सट्टेबाजी पर लगाम, बायबैक के नियम बदले
निवेशकों के लिए शेयर बाजार के गणित में भी बदलाव किया गया है।
STT में वृद्धि: फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) में सट्टेबाजी कम करने के लिए ‘सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स’ (STT) बढ़ा दिया गया है।
- फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05%
- ऑप्शंस प्रीमियम पर STT 0.10% से बढ़ाकर 0.15%
- ऑप्शंस एक्सरसाइज पर STT 0.125% से बढ़ाकर 0.15%
बायबैक: शेयर बायबैक से होने वाली कमाई अब ‘कैपिटल गेन’ मानी जाएगी, जिससे टैक्स की गणना होल्डिंग अवधि के आधार पर होगी।
ITR फाइलिंग डेडलाइन में बदलाव
बिना ऑडिट वाले बिजनेस, प्रोफेशनल और ट्रस्ट अब ITR 31 जुलाई की जगह 31 अगस्त तक फाइल कर सकेंगे (AY 2026-27 से लागू)।
सैलरीड कर्मचारी और ITR-1/ITR-2 फाइल करने वाले व्यक्तियों के लिए डेडलाइन 31 जुलाई ही रहेगी।
क्या होगा आम लोगों पर असर?
इन बदलावों से छोटे लेन-देन में आसानी होगी, जबकि बड़े ट्रांजैक्शन पर निगरानी मजबूत होगी। छोटी कार, छोटी प्रॉपर्टी और कम कैश ट्रांजैक्शन में पैन की झंझट कम होगी। वहीं बच्चों की पढ़ाई और हॉस्टल खर्च पर ज्यादा टैक्स बचत संभव होगी।
