राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच को 10वीं बार बम से उड़ाने की धमकी, CJI के दौरे को रद्द करने की मांग

राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच को 10वीं बार बम से उड़ाने की धमकी, CJI के दौरे को रद्द करने की मांग
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quicjZaps 15 sept 2025

जयपुर, 20 फरवरी। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ एक बार फिर सुरक्षा घेरे में है। शुक्रवार सुबह एक अज्ञात ईमेल के जरिए हाईकोर्ट परिसर में आरडीएक्स (RDX) बम प्लांट करने की धमकी दी गई, जिसने प्रशासनिक अमले और पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए। मेल में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत का दौरा रद्द किया जाए और दोपहर 12 बजे तक परिसर को खाली कर लिया जाए।हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों द्वारा किए गए सघन तलाशी अभियान (Combing Operation) के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।

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सीजेआई के दौरे से पहले सुरक्षा अलर्ट
यह धमकी ऐसे समय में आई है जब सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत शुक्रवार को जयपुर प्रवास पर हैं। वे यहां साइबर सिक्योरिटी पर आयोजित एक महत्वपूर्ण सेमिनार का उद्घाटन करने वाले हैं।

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तलाशी अभियान: धमकी मिलने के तुरंत बाद बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड ने पूरे परिसर को खंगाला।

सुनवाई में देरी: सुरक्षा जांच के चलते कोर्ट की कार्यवाही करीब आधे घंटे की देरी से सुबह 11 बजे शुरू हो सकी।

साढ़े तीन महीने में 10वीं धमकी: सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती
अकेले 31 अक्टूबर 2025 के बाद से अब तक यह 10वीं बार है जब हाईकोर्ट को उड़ाने की धमकी मिली है।

धमकियों का सिलसिला: दिसंबर 2025 में लगातार पांच दिनों (8 से 11 दिसंबर) तक ऐसे मेल आए थे।

फरवरी 2026 की स्थिति: इसी महीने 6, 17 और कल (19 फरवरी) के बाद आज लगातार दूसरे दिन धमकी मिली है।

साइबर विशेषज्ञों की राय: साइबर वकील आदर्श सिंघल के अनुसार, आरोपी अक्सर VPN (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का उपयोग करते हैं जिससे उनका आईपी एड्रेस (IP Address) बार-बार बदलता रहता है। हालांकि, वीपीएन प्रोवाइडर कंपनियों से डेटा प्राप्त कर आरोपी तक पहुंचा जा सकता है, जो एक जटिल लेकिन संभव प्रक्रिया है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बार-बार मिल रही धमकियों को देखते हुए हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया गया है। प्रवेश द्वारों पर सघन चेकिंग के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों के जरिए संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस प्रशासन अब साइबर सेल की मदद से इन फेक मेल आईडी के मूल स्रोत का पता लगाने में जुटा है।

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