कैंसर के विरुद्ध बड़ी जीत- बीकानेर में प्रदेश की दूसरी ‘डायमंड्स लैब’ का आगाज, अब कैंसर की जटिल जांचें होंगी बिल्कुल मुफ्त

आचार्य तुलसी कैंसर रिसर्च सेंटर परिसर में डायमंड्स लैब शुरू हुई। केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने लैब का उद्‌घाटन किया
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026

बीकानेर, 19 फरवरी। बीकानेर के चिकित्सा इतिहास में आज का दिन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है। आचार्य तुलसी कैंसर रिसर्च सेंटर (पीबीएम अस्पताल परिसर) में राजस्थान की दूसरी ‘डायमंड्स लैब’ (DIAMOnDS Lab) का औपचारिक शुभारंभ किया गया। बुधवार को केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने इस अत्याधुनिक लैब का उद्घाटन कर इसे आमजन को समर्पित किया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित इस लैब के शुरू होने से अब उत्तर भारत के कैंसर रोगियों को सटीक और समयबद्ध उपचार के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

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लाखों की जांच अब मुफ्त: क्या है ‘डायमंड्स लैब’?
केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने बताया कि बीकानेर का यह केंद्र टाटा मेमोरियल (मुंबई) के बाद देश में सर्वाधिक ओपीडी भार वाले केंद्रों में से एक है। लैब की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

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निशुल्क सुविधाएं: निजी अस्पतालों में हजारों-लाखों रुपये में होने वाली इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री (IHC) और मॉलिक्यूलर स्तर की जटिल जांचें यहां पूरी तरह निःशुल्क होंगी।

विशेष फोकस: यह लैब विशेष रूप से स्तन (Breast) और फेफड़े (Lung) के कैंसर की पैथोलॉजी जांच के लिए तैयार की गई है।

केंद्र का सहयोग: इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार ने 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। मशीनों के इंस्टॉल होते ही परीक्षण के तौर पर अब तक 111 मरीजों की सफल जांच भी की जा चुकी है।

विशेषज्ञों की राय: सटीक जांच से सफल उपचार
उद्घाटन समारोह में चिकित्सा जगत के दिग्गजों ने इस लैब को कैंसर रोगियों के लिए ‘वरदान’ बताया।

डॉ. नीति शर्मा (निदेशक): उन्होंने मंत्री को लैब की कार्यप्रणाली और रिपोर्टिंग की गति से अवगत कराया।

डॉ. सुरेन्द्र बेनीवाल (विभागाध्यक्ष, मेडिकल ऑन्कोलॉजी): उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी क्षेत्र में ये जांचें बहुत महंगी हैं, जिससे आम आदमी का बजट बिगड़ जाता है, लेकिन अब यहां हर प्रदेश का मरीज इसका लाभ ले सकेगा।

डॉ. सुरेन्द्र वर्मा (प्राचार्य): उन्होंने कहा कि कैंसर जैसे रोग में ‘सटीक जांच’ ही उपचार की दिशा तय करती है, जिसमें यह लैब मील का पत्थर साबित होगी।

पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी. सी. घीया ने कहा कि वर्तमान में लंग्स और स्तन कैंसर के मरीजों के लिए यह मशीनें वरदान साबित होंगी।

उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के चेयरमेन रामगोपाल सुथार, डॉ. सत्य प्रकाश आचार्य, अशोक प्रजापत, डॉ. संदीप गुप्ता, डॉ. शंकर लाल जाखड़, डॉ. राजेश सिंवर, डॉ. डीपी सोनी, डायमंड लैब रिसर्च साइंटीस्ट डॉ. विनय मेहरा, डॉ. चित्रलेखा सैनी, डॉ. जितेंद्र आचार्य सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।

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