संतोष चौधरी और भंवरलाल ‘भ्रमर’ को मिलेगा ‘पोकरमल राजरानी गोयल स्मृति पुरस्कार
संतोष चौधरी और भंवरलाल 'भ्रमर' को मिलेगा 'पोकरमल राजरानी गोयल स्मृति पुरस्कार



बीकानेर, 12 मार्च। राजस्थानी कथा साहित्य को प्रोत्साहित करने वाली अग्रणी संस्था ‘मुक्ति’ के तत्वावधान में पांचवें ‘पोकरमल राजरानी गोयल स्मृति राजस्थानी कथा साहित्य पुरस्कारों’ की घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष यह प्रतिष्ठित सम्मान जोधपुर की विख्यात कथाकार संतोष चौधरी और बीकानेर के वरिष्ठ साहित्यकार भंवरलाल ‘भ्रमर’ को प्रदान किया जाएगा।


विजेताओं का चयन और कृतियाँ
मुक्ति संस्था के सचिव एवं कवि-कथाकार राजेन्द्र जोशी ने बताया कि देश भर से प्राप्त प्रविष्टियों में से निर्णायक मंडल ने गहन मंथन के बाद इन दो पुस्तकों का चयन किया है।


राजस्थानी महिला लेखन पुरस्कार: जोधपुर की संतोष चौधरी को उनके कहानी संग्रह “काया री कळझळ” के लिए चुना गया है। संतोष चौधरी पिछले दो दशकों से राजस्थानी भाषा आंदोलन से जुड़ी हैं और उनके उपन्यास ‘रात पछै परभात’ को काफी सराहना मिली है।
राजस्थानी कथा पुरस्कार: बीकानेर के वरिष्ठ साहित्यकार भंवरलाल ‘भ्रमर’ को उनके कहानी संग्रह “ऊपरलो पासो” के लिए यह सम्मान दिया जाएगा। भ्रमर राजस्थानी और हिंदी के प्रतिष्ठित लेखक, संपादक और अनुवादक हैं, जिनकी 10 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
दोनों साहित्यकारों को पुरस्कार स्वरूप 11,000-11,000 रुपये की राशि और सम्मान पत्र भेंट किया जाएगा।
निर्णायक मंडल और सम्मान समारोह
पुरस्कारों का चयन शिक्षाविद और आलोचक डॉ. उमाकांत गुप्त, कवयित्री डॉ. रेणुका व्यास ‘नीलम’ और डॉ. नमामी शंकर आचार्य के निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. नरेश गोयल ने बताया कि राजस्थानी साहित्य को अन्य भारतीय भाषाओं के समकक्ष खड़ा करने वाले इन लेखकों को मई माह में बीकानेर में आयोजित होने वाले एक विशेष समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
