

नई दिल्ली, 14 मार्च । नेशनल हाइवे पर नियमित सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए जेब ढीली करने वाली खबर है। केंद्र सरकार ने नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही FASTag एनुअल टोल पास की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो जाएंगी। जो लोग भी रेगुलर तौर पर हाईवे से गुजरते हैं. उनके खर्च पर इसका असर पड़ सकता है. नए फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की शुरुआत के साथ ही यह नई फीस लागू हो जाएगी. ऐसे में वाहन चालकों के लिए यह जानकारी पहले से जानना जरूरी हो जाता है.


जान लें अब कितने का मिलेगा एनुअल फास्टैग पास.कितना बढ़ा बोझ?
1 अप्रैल से बढ़ जाएगी एनुअल पास की कीमत
नेशनल हाईवे की टोल व्यवस्था संभालने वाली संस्था नेशनल हाईवे अथाॅरिटी ऑफ इंडिया ने सालाना टोल पास की फीस में हल्की बढ़ोतरी की है. पहले यह पास 3000 रुपये में मिलता था. लेकिन अब इसके लिए 3075 रुपये देने होंगे.



नई व्यवस्था के मुताबिक
- 1 अप्रैल 2026 से नई कीमत लागू होगी.
- पहले सालाना पास 3000 रुपये में मिलता था.
- अब इसके लिए 3075 रुपये चुकाने होंगे.
- यह पास प्राइवेट यानी नॉन कमर्शियल गाड़ियो के लिए होता है.
- गाड़ी में वैलिड FASTag लगा होना जरूरी है.
- सरकार का कहना है कि टोल से जुड़ी रेट्स को टाइम टू टाइम रिव्यू किया जाता है और उसी के बेसिस पर बदलाव किया जाता है.
एक साल या 200 बार टोल पार करने तक मान्य
सालाना FASTag टोल पास की वैधता भी तय नियमों के अनुसार होती है. इसका मतलब यह नहीं कि पूरे साल बिना किसी सीमा के टोल पार किया जा सकता है.
नियम इस तरह से काम करते हैं:
- पास अधिकतम एक साल तक वैध रहता है.
- या फिर 200 बार टोल क्रॉसिंग तक मान्य होता है.
- जो शर्त पहले पूरी होगी, पास वहीं खत्म हो जाएगा.
- उदाहरण के तौर पर अगर किसी वाहन चालक ने एक साल पूरा होने से पहले ही 200 बार टोल पार कर लिया, तो पास की वैधता वहीं समाप्त हो जाएगी. इसके बाद नया पास बनवाना पड़ेगा.
टोल प्लाजा को दिए गए जरूरी निर्देश
नई दर लागू करने को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सभी टोल प्लाजा और संबंधित अधिकारियों को पहले ही निर्देश जारी कर दिए हैं.
इन निर्देशों में कहा गया है:
- 1 अप्रैल 2026 से नई दर के हिसाब से पास जारी किए जाएं.
- टोल प्लाजा पर यात्रियों को नई फीस की जानकारी दी जाए.
- सिस्टम में नई कीमत अपडेट की जाए.
सरकार का कहना है कि टोल व्यवस्था को व्यवस्थित रखने और लागत बैलेंस करने के लिए हर साल फीस रिव्यू की जाती है. उसी प्रोसेस के तहत इस बार सालाना FASTag टोल पास की कीमत में हल्की बढ़ोतरी की गई है.

