श्रीडूंगरगढ़ में बाल कवियों की कविताओं से गूँजा सेवा कुंज, निकुंज सारस्वत ने मारी बाजी
श्रीडूंगरगढ़ में बाल कवियों की कविताओं से गूँजा सेवा कुंज, निकुंज सारस्वत ने मारी बाजी


श्रीडूंगरगढ़, 25 मार्च 2026 (बुधवार)। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के तत्वावधान में मंगलवार रात सेवा कुंज छात्रावास में आयोजित ‘बाल कवि सम्मेलन’ में नन्हें रचनाकारों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। देशभक्ति, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों पर आधारित कविताओं ने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में 5 से 15 वर्ष तक की आयु के लगभग दो दर्जन बच्चों ने काव्य पाठ किया।


साहित्य और संस्कारों से जुड़ने की प्रेरणा
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रसिद्ध बाल साहित्यकार शिवराज भारतीय ने बच्चों को बाल्यावस्था से ही स्वाध्याय और साहित्य से जुड़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि पुस्तकें पढ़ने की आदत ही भविष्य के श्रेष्ठ नागरिक का निर्माण करती है।


अध्यक्षीय संबोधन: साहित्यकार मदन सैनी ने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ कुशल व्यवहारिकता और विद्या को आचरण में उतारने की सीख दी।
विशिष्ट अतिथि: समाजसेवी मधु झाबक ने कहा कि बच्चे कच्चे घड़े के समान होते हैं और पुस्तकें उन्हें संस्कारित करने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। मंच पर संघ सेवक आशाराम पारीक भी मौजूद रहे।
प्रतियोगिता के परिणाम: निकुंज सारस्वत प्रथम
विभिन्न स्कूलों से आए दो दर्जन किशोरों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा रही। निर्णायक मंडल में ‘श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स’ की संपादक कपिला स्वामी, डॉ. मनीष सैनी और सीमा भोजक शामिल रहीं।
प्रथम स्थान: निकुंज सारस्वत (स्वरचित कविता – ‘युवाओं पर मोबाइल का बढ़ता प्रभाव’)। द्वितीय स्थान: कमल प्रजापत (मोमासर)। तृतीय स्थान: वंदना सेवग।
विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार तथा सभी नन्हें कवियों को मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
प्रमुख उपस्थिति एवं स्वागत
परिषद की इकाई अध्यक्ष भगवती पारीक ने अतिथियों का स्वागत किया और मंत्री छैलूदान चारण ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन व्याख्याता राजू शर्मा ने किया। इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष रेखा भादानी, मंजुला जैन, जेपीएस निदेशक कुंभाराम घिंटाला, संस्कार इनोवेटिव स्कूल के निदेशक मनोज गुसाईं, विनीता सारस्वत, शशिदेव शर्मा, लक्ष्मीनारायण भादू सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और विभिन्न स्कूलों का स्टाफ उपस्थित रहा। सभी ने बच्चों को मंच प्रदान करने की इस अनूठी पहल की सराहना की।
