बीकानेर में खेजड़ी कटाई के खिलाफ पर्यावरण संघर्ष समिति का आक्रोश, धरने के 252 दिन पूरे
बीकानेर में खेजड़ी कटाई के खिलाफ पर्यावरण संघर्ष समिति का आक्रोश, धरने के 252 दिन पूरे


बीकानेर, 26 मार्च । पर्यावरण संरक्षण और राजस्थान के राज्य वृक्ष ‘खेजड़ी’ को बचाने की मुहिम बीकानेर में थमने का नाम नहीं ले रही है। पर्यावरण संघर्ष समिति का धरना गुरुवार (26 मार्च 2026) को 252वें दिन भी जारी रहा। वहीं, खेजड़ला रोही नोखा दईया में चल रहे धरने को आज 607 दिन पूरे हो गए हैं। इसके बावजूद क्षेत्र में खेजड़ियों की कटाई बदस्तूर जारी है, जिसे लेकर पर्यावरण प्रेमियों में भारी रोष व्याप्त है।


समिति के संयोजक रामगोपाल बिशनोई ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार द्वारा खेजड़ी संरक्षण के लिए कमेटी गठित किए जाने के बावजूद पेड़ों का कटना जारी रहना सरकार की विफलता और प्रशासन की घोर लापरवाही का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि हाल ही में गाडवाला गाँव की रोही में बड़ी संख्या में खेजड़ियां काटी गई हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।


घटना की सूचना मिलने पर रामगोपाल बिशनोई के नेतृत्व में एक टीम मौके पर पहुँची, जिसमें हरिराम खीचड़, बुधराम सीगड़, बुधराम सियाग, हेतराम बिशनोई और महेन्द्र भादू शामिल थे। बिशनोई ने वर्तमान जलवायु परिवर्तन पर चिंता जताते हुए कहा कि मार्च के महीने में ही चार पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) का आना पर्यावरण असंतुलन का संकेत है। उन्होंने इसके पीछे सोलर प्लांटों के विस्तार के नाम पर हो रहे वनस्पति विनाश को मुख्य कारण बताया।
प्रशासन को सख्त चेतावनी
रामगोपाल बिशनोई ने जिला प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि खेजड़ी की कटाई पर तुरंत प्रभावी रोक नहीं लगाई गई, तो प्रशासन को एक बार फिर बड़े जन आंदोलन का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण प्रेमी अब मूकदर्शक बनकर अपने राज्य वृक्ष का विनाश नहीं देखेंगे। आज धरने पर रामगोपाल बिशनोई के साथ हरिराम खीचड़, शिवदान मेघवाल, शान्तिलाल सेठिया, कपिल गौड़, कॉमरेड मूलचन्द खत्री और शरीफ समेजा सहित दर्जनों पर्यावरण कार्यकर्ता मौजूद रहे।
