सत्य का संग ही सत्संग, ईश्वर भक्ति से ही संभव है दुखों का नाश” – स्वामी श्री शिवेन्द्राश्रम जी महाराज
सत्य का संग ही सत्संग, ईश्वर भक्ति से ही संभव है दुखों का नाश" – स्वामी श्री शिवेन्द्राश्रम जी महाराज



बीकानेर, 30 मार्च 2026। जस्सूसर गेट स्थित पाराशर भवन में आयोजित एक विशेष आध्यात्मिक समागम के दौरान भगवती भद्रकाली शक्तिपीठ (राजलदेसर) के पीठाधीश्वर दंडी स्वामी श्री शिवेन्द्राश्रम जी महाराज ने सत्संग की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मानव जीवन में मोह, लोभ, काम और क्रोध जैसी बुराइयों से मुक्ति पाने का एकमात्र सशक्त साधन ‘सत्संग’ ही है।


सत्संग: मोक्ष का सरल मार्ग
सैकड़ों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी जी ने कहा कि ‘सत्’ और ‘संग’ का अर्थ है सत्य का साथ करना, और इस चराचर जगत में केवल ईश्वर ही परम सत्य है। उन्होंने जोर देकर कहा “मनुष्य चाहे कितने ही दान-पुण्य, व्रत या उपवास कर ले, लेकिन यदि वह प्रभु संकीर्तन और सत्संग से नहीं जुड़ा है, तो मन की सच्ची प्रसन्नता प्राप्त करना असंभव है। सत्संग वह माध्यम है जो व्यक्ति को पापों से मुक्त कर मोक्ष की ओर अग्रसर करता है।” स्वामी जी ने युवा पीढ़ी को सन्मार्ग से जोड़ने के लिए नियमित रूप से आध्यात्मिक चर्चाओं में भाग लेने का आह्वान किया।


दंडी संन्यास दीक्षा के बाद प्रथम बीकानेर आगमन पर भव्य अभिनंदन
आयोजन से जुड़े मनमोहन व्यास ने बताया कि दंडी संन्यास दीक्षा ग्रहण करने के बाद स्वामी श्री शिवेन्द्राश्रम जी महाराज का बीकानेर में यह प्रथम प्रवास था। इस अवसर पर शहर की विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने उनका आत्मीय अभिनंदन किया, जिनमें प्रमुख हैं-विप्र फाउंडेशन, पाड़ाय माता मंदिर ट्रस्ट, पारीक समाज सार्वजनिक संपत्ति ट्रस्ट,
पंडित बाबूलाल शास्त्री बोध संस्थान।
गणमान्य जनों की उपस्थिति
कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्धजनों और राजनीतिक हस्तियों ने शिरकत की। उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में पंडित बृजलाल शर्मा, देहात भाजपा अध्यक्ष श्याम पंचारिया, जिला उद्योग संघ अध्यक्ष डीपी पच्चीसिया, उद्यमी राजेश चूरा, विप्र फाउंडेशन के भंवर पुरोहित, पारीक समाज अध्यक्ष भंवर लाल व्यास, दयाशंकर तिवाड़ी, और संपत पारीक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे।
