संत और शास्त्र के सामने तर्क नहीं, श्रद्धा होनी चाहिए” – जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज
जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज



बीकानेर, 30 मार्च 2026। गंगाशहर मार्ग स्थित अग्रवाल भवन परिसर में पिछले 11 दिनों से चल रहे आध्यात्मिक महाकुंभ का सोमवार को भव्य समापन हुआ। श्रीपार्श्व पद्मावती शक्ति पीठ (कृष्णगिरि, तमिलनाडु) के पीठाधीश्वर जगद्गुरु 1008 आचार्यश्री वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित चैत्र नवरात्रि महोत्सव, श्री महालक्ष्मी महायज्ञ और श्रीमद् देवी भागवत कथा की पूर्णाहुति हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। बीकानेर के इतिहास में यह अपनी तरह का पहला अंतर्राष्ट्रीय स्तर का आयोजन रहा, जिसमें भक्ति और सनातन शक्ति के कई चमत्कारिक प्रसंग देखने को मिले।


करोड़ों मंत्रों से अभिमंत्रित जल से महाभिषेक
आयोजन का सबसे विशेष आकर्षण जगद्गुरु का अतिदिव्य महाभिषेक रहा। ग्यारह दिनों तक चले हवन, पूजन और अनुष्ठान के दौरान करोड़ों मंत्रों से अभिमंत्रित किए गए पवित्र जल कलशों से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूज्य महाराज श्री का अभिषेक किया गया। इस दृश्य को देख उपस्थित हजारों श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।


तर्क नहीं, पश्चाताप मिटाता है पाप
अपने संबोधन में मंत्र शिरोमणि जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज ने जीवन दर्शन पर गहरा प्रकाश डाला। उन्होंने कहा शास्त्रों और अनुभवी संतों की बातें कभी गलत नहीं हो सकतीं। संतों के समक्ष अज्ञानतावश किया गया तर्क बुद्धि का विनाश करता है। भक्ति के लिए ‘श्रद्धा रूपी भाव’ का होना अनिवार्य है।
संगत का प्रभाव: संतों के चरणों में रहने से ईश्वरीय ऊर्जा प्राप्त होती है, जो न केवल इस जन्म बल्कि अगले जन्म के लिए भी कल्याणकारी है।
क्षमा और शुद्धि: यदि व्यक्ति अपने किए गए गलत कार्यों का सच्चाई से पश्चाताप कर ले, तो उसके दुःख और पाप मिट जाते हैं। संसार का परिणाम अनिश्चित हो सकता है, लेकिन गुरु भक्ति का परिणाम सदैव शुभ ही होता है।
सेवादारों का सम्मान और ‘सेवा शिरोमणि’ पदवियां
जगद्गुरु ने उदारता का परिचय देते हुए आयोजन को सफल बनाने वाले सैकड़ों सेवाभावी कार्यकर्ताओं और गुरुभक्तों का स्वयं सम्मान किया। उन्हें ‘सेवा शिरोमणि’ और ‘सेवा चक्रवर्ती’ जैसी पदवियों से नवाजा गया। साथ ही उन्हें आशीर्वाद स्वरूप नकद राशि, उपहार और प्रसाद भेंट किया गया।
देशभर से आए श्रद्धालु, डिजिटल माध्यम पर गूंजी गूँज
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में राजस्थान सहित महाराष्ट्र, एमपी, उड़ीसा, कर्नाटक, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब जैसे अनेक राज्यों से भक्त पहुंचे। कई श्रद्धालुओं ने मंच पर आकर रोग मुक्ति और ऋण मुक्ति के अपने चमत्कारिक अनुभव साझा किए। पूरे कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जगद्गुरु के आधिकारिक यूट्यूब चैनल ‘थॉट योगा’ (Thought Yoga) पर लाइव किया गया, जिसे दुनिया भर में देखा गया।
आगामी निमंत्रण: कृष्णगिरि वार्षिकोत्सव
महाराज श्री ने सभी भक्तों को आगामी 26 से 28 जून तक कृष्णगिरि (तमिलनाडु) में आयोजित होने वाले वार्षिकोत्सव ध्वजा कार्यक्रम के लिए भावभरा आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि मां पद्मावती पर अटूट विश्वास ही सुख और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।
