पीबीएम में प्रसूताओं पर कहर: एक और मां की आंखों की रोशनी गई

पीबीएम में प्रसूताओं पर कहर: एक और मां की आंखों की रोशनी गई
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026
  •  मल्टी ऑर्गन फेलियर के बाद वेंटिलेटर पर लिया; मंत्री के ‘सेफ’ बताने के दावे फेल

बीकानेर, 13 जून। बीकानेर संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की किडनी फेल होने और स्वास्थ्य बिगड़ने का बेहद गंभीर और खौफनाक सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। चिकित्सालय के आईसीयू में भर्ती एक और प्रसूता की आंखों की रोशनी पूरी तरह जाने और स्थिति बेहद नाजुक होने का नया मामला सामने आया है, जिससे अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

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सिजेरियन डिलीवरी के बाद मल्टी ऑर्गन फेलियर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीरामसर निवासी प्रसूता शारदा को गत 3 जून को पीबीएम के जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन, 4 जून को उसकी सिजेरियन डिलीवरी (ऑपरेशन से प्रसव) हुई, लेकिन ऑपरेशन के महज दो घंटे बाद ही उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। हालत अत्यधिक चिंताजनक होने पर 5 जून की सुबह उसे आईसीयू (ICU) में शिफ्ट किया गया।

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आईसीयू में विस्तृत जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि शारदा ‘हेल्प सिंड्रोम’ (HELLP Syndrome) की चपेट में आ चुकी है, जिसके कारण उसके शरीर में ‘मल्टी ऑर्गन फेलियर’ (कई अंगों का एक साथ काम बंद करना) की स्थिति पैदा हो गई है। इसी जटिलता के चलते प्रसूता की दोनों आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई है। सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ होने के कारण पहले उसे बाइपैप मशीन पर रखा गया था, लेकिन सुधार न होने पर अब उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर ले लिया गया है।

मंत्री के ‘हेल्थ बुलेटिन’ पर उठे सवाल
गौरतलब है कि गुरुवार को ही राज्य के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बीकानेर दौरे के दौरान पीबीएम के चिकित्सकों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की थी। इसके बाद जारी आधिकारिक हेल्थ बुलेटिन में प्रशासन ने दावा किया था कि पीड़ित महिला शारदा अब ‘डेंजर जोन’ (खतरे) से बाहर है। हालांकि, अब प्रसूता की आंखों की रोशनी जाने और वेंटिलेटर पर पहुंचने की सच्चाई सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन के दावों और बुलेटिन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रीति भी वेंटिलेटर पर, जांच रिपोर्ट का इंतजार
शारदा से पहले सूरतगढ़ निवासी एक अन्य प्रसूता प्रीति की आंखों की रोशनी जाने का मामला भी उजागर हो चुका है। प्रीति की हालत अब भी अत्यंत नाजुक बनी हुई है और वह भी आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है।

एक के बाद एक प्रसूताओं की किडनी फेल होने, अंधापन छाने और मल्टी ऑर्गन फेलियर जैसी जानलेवा जटिलताओं के कारणों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और राज्य स्तरीय विशेषज्ञ समितियों की जांच जारी है। हालांकि, लंबे समय के बाद भी किसी पुख्ता निष्कर्ष या आधिकारिक रिपोर्ट का न आना पीड़ित परिवारों की चिंता और जनता के आक्रोश को और ज्यादा बढ़ा रहा है।

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