आचार्यश्री रामलालजी म.सा. ने चार चारित्रआत्माओं की दी बड़ी दीक्षा
पार्श्वचंद्र गच्छ उपासरे में मनाया भगवान महावीर स्वामी का जन्मोत्सव


- पारसनाथ गच्छ उपासरे में धूमधाम से मनाया भगवान महावीर का जन्मोत्सव
बीकानेर ,13 सितम्बर । अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ के हुक्म संघ के नवम पट्टधर आचार्यश्री रामलालजी म.सा. के सान्निध्य में रविवार को छबीली घाटी स्थित सेवा सदन में चतुर्विध संघ की साक्षी में चार नवदीक्षित चारित्र आत्माओं को ‘बड़ी दीक्षा’ प्रदान की गई। आचार्यश्री ने चारों मुमुक्षुओं को पांच महाव्रत धारण करवाकर संयम मार्ग पर आगे बढ़ने का मंगल आशीर्वाद दिया।


बड़ी दीक्षा लेकर पूर्ण रूप से मुनि व साध्वी बने चार मुमुक्षु


दीक्षार्थियों का परिचय: बड़ी दीक्षा प्राप्त करने वालों में देशनोक मूल के बेंगलोर निवासी मुमुक्षु नवरतन कोठारी (नवदीक्षित रामनव मुनि), पाली के मुमुक्षु शुभम श्रीश्रीमाल (राम शुभम मुनि), छत्तीसगढ़ की मुमुक्षु काजल नाहर (साध्वी राम कंजम श्रीजी) और गंगाशहर निवासी सूरत प्रवासी मुमुक्षु दिया सुराणा (साध्वी राम दिव्यम् श्रीजी) शामिल हैं। ये चारों मुमुक्षु गत 4 सितम्बर 2026 को छोटी दीक्षा ग्रहण कर संयम पथ पर अग्रसर हुए थे।
494 मुमुक्षुओं को दे चुके हैं दीक्षा: आचार्यश्री रामलालजी म.सा. युवाचार्य पद पर आसीन होने के बाद से अब तक 494 मुमुक्षुओं को मुनि व साध्वी पद की दीक्षा दे चुके हैं। वर्तमान में हुक्म गच्छ संघ में 96 संत मुनिराज एवं 549 साध्वी सतियां जी संयम साधना में लीन हैं।
पर्युषण पर्व पर आचार्यश्री का संदेश
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्यश्री ने कहा कि पर्युषण पर्व आत्म-चिंतन और आत्म-जागृति का पर्व है। सत्य, अहिंसा, अचौर्य, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य—इन पांच महाव्रतों का पालन करने वाली आत्माएं ही कल्याण मार्ग पर बढ़ती हैं।
ब्रह्मचर्य जीवन की शक्ति
उपाध्याय राजेश मुनि: उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ब्रह्मचर्य की शक्ति अलौकिक है। यह आंतरिक ऊर्जा को वासना से हटाकर उपासना और आत्म-कल्याण में लगाती है, जिससे स्मरण शक्ति तीक्ष्ण होती है और कर्मों की निर्जरा होती है।
पार्श्वचंद्र गच्छ उपासरे में मनाया भगवान महावीर स्वामी का जन्मोत्सव
कांसी की थाली बजाकर दी बधाइयां: आसानियों के चौक स्थित रामपुरिया के बड़े उपासरे में साध्वी पदम प्रभा एवं वयोवृद्ध साध्वी सुव्रता श्रीजी के सान्निध्य में श्रमण भगवान महावीर स्वामी का जन्मोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने कांसी की थाली बजाकर एवं अक्षत वर्षा कर वीर प्रभु के जन्मोत्सव की बधाइयां दीं।
गाजे-बाजे के साथ आई पालना यात्रा
संघ के अध्यक्ष रवीन्द्र रामपुरिया एवं मंत्री प्रताप रामपुरिया ने बताया कि पालने के लाभार्थी मूलचंद-नवरतन बांठिया परिवार के बांठिया चौक स्थित निवास से पालने को गाजे-बाजे और नवकार महामंत्र की धुन के साथ उपासरे लाया गया।
14 स्वप्नों की बोलियां लगाई गईं और भगवान महावीर स्वामी के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना व चैत्य परिपाटी का आयोजन हुआ।
खतूरिया कॉलोनी में मन मंदिर व शांति विहार सोसायटी में कल मनेगा गणेशोत्सवमन मंदिर
संस्थापक सुरेश गुप्ता ने बताया कि स्वामी विमर्शानंद गिरि की प्रेरणा से गणेश चतुर्थी पर सोमवार को विशेष स्तुति, वंदना व पूजन का आयोजन होगा। मंदिर परिसर को भव्य रोशनी से सजाया गया है।
शांति विहार सोसायटी (पवनपुरी): डॉ. राहुल राय एवं डॉ. सोनम राय के नेतृत्व में 14 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त में गणपति स्थापना होगी। बनारस से मंगवाई गई विशेष प्रतिमा का पूजन बनारस के वेदपाठी ब्राह्मणों के आचार्यत्व में संपन्न कराया जाएगा।
