भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान का 34वां स्थापना दिवस आयोजित

भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान का 34वां स्थापना दिवस आयोजित
STBA 5 JUNE 2026
quicjZaps 15 sept 2025
खमत खामणा
  • जलवायु-सहिष्णु बागवानी व ‘विकसित भारत 2047’ पर मंथन

बीकानेर, 27 सितंबर 2026। भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान (ICAR-CIAH), बीकानेर का 34वां स्थापना दिवस रविवार को संस्थान परिसर में गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के पूर्व सचिव एवं ICAR के पूर्व महानिदेशक पद्मभूषण डॉ. आर.एस. परोदा रहे।

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समारोह में डॉ. सुमंत व्यास (कुलगुरु, राजूवास), प्रो. विमला ढुकवाल (कुलगुरु, कृषि विश्वविद्यालय, कोटा), डॉ. अनिल पूनिया (निदेशक, NRCC) तथा संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ. ओ.पी. पारीक विशिष्ट व विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत डॉ. डी.के. समदिया ने किया। संस्थान निदेशक डॉ. विश्वबंधु पटेल ने वर्ष 1993 से अब तक की शोध यात्रा और भविष्य की अनुसंधान प्राथमिकताओं—जैसे टिश्यू कल्चर, गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री, देशज फसलों के संरक्षण और मूल्य संवर्धन—पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर संस्थान के 25 शोध प्रकाशनों का विमोचन किया गया तथा मुख्य अतिथि डॉ. परोदा द्वारा टिश्यू-कल्चर से तैयार खजूर के पौधे का रोपण किया गया।

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मुख्य अतिथि डॉ. आर.एस. परोदा ने अपने संबोधन में अरावली से थार तक की समृद्ध जैव-विविधता के संरक्षण और पीळू, काचरी, करोंदा व केर जैसी देशज फसलों के वैज्ञानिक दोहन पर बल दिया। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए ‘हर खेत को पेड़ पर फलदार पेड़’ और एकीकृत कृषि प्रणालियों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जलवायु-सहिष्णु किस्में विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्यों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

‘विकसित भारत 2047’ के लिए मंथन सत्र:
स्थापना दिवस का मुख्य आकर्षण ‘विकसित भारत 2047 के लिए शुष्क बागवानी की जलवायु-अनुकूलन क्षमता’ विषय पर आयोजित विचार-मंथन सत्र रहा। इसमें पूर्व निदेशकों, वैज्ञानिकों और किसानों ने राजस्थान में जैतून (Olive) की खेती के पुनर्स्थापन, जल-कुशल उत्पादन, फसल विविधीकरण और बाजार-आधारित प्रसंस्करण तकनीकों पर गहन विचार-विमर्श किया। डॉ. मुकेश बेरवाल ने बताया कि कार्यक्रम में विभिन्न कृषि व पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों के अधिकारियों, कर्मचारियों और कृषक प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।