श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में दर्दनाक हादसा भुजिया खाने से बिगड़ी किसान की इलाज के दौरान हुई मौत
श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में दर्दनाक हादसा भुजिया खाने से बिगड़ी किसान की इलाज के दौरान हुई मौत

बीकानेर, 18 अक्टूबर। मौत किसकी किस जगह लिखी होती है व्यक्ति को वहां खिंच ले जाती है। किसी दूसरे को मारने की योजना होती है शिकार कोई दूसरा हो जाता है।प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रीडूंगरगढ़ उपखंड के सेरूणा थाना क्षेत्र के राजेडू गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां खेत में चूहों को मारने के लिए रखे गए जहरीले भुजिया को गलती से खा लेने से एक किसान की इलाज के दौरान मौत हो गई।


सेरूणा थाने के हेड कांस्टेबल विकास कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि राजेडू निवासी 48 वर्षीय रामेश्वरलाल पुत्र नानकराम जाट ने अपनी खेत की ढाणी में चूहों को मारने के लिए जहर मिले हुए भुजिया बनाकर रखे थे। गत 13 अक्टूबर 2026 को अनजाने में उन्होंने वही जहरीले भुजिया खा लिए, जिससे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों द्वारा उन्हें तुरंत बीकानेर के ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जहां से गंभीर हालत के चलते उन्हें जयपुर के फोर्टिस अस्पताल रेफर कर दिया गया।


जयपुर में उपचार के दौरान रामेश्वरलाल ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शनिवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। इस घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक की लहर है।
सुरक्षा संदेश
खेत में चूहेमार जहर या कीटनाशक ऐसी जगह रखें जहां मनुष्य, पालतू जानवर और मवेशी तक न पहुंच सकें। इस तरह के पदार्थों को खाद्य सामग्री से अलग रखना और स्पष्ट चेतावनी लगाना जरूरी है। राजस्थान में कीटनाशक संपर्क से किसानों की मौतों की चिंता पहले से बढ़ी हुई है; सरकारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2024 से जनवरी 2026 के बीच प्रदेश में 535 किसानों की मौत दर्ज हुई थी, जिनमें बीकानेर सबसे प्रभावित जिलों में शामिल था।

