बीकानेर में नौ दिवसीय नवपद ओली आराधना का शुभारंभ
बीकानेर में नौ दिवसीय नवपद ओली आराधना का शुभारंभ

- साध्वीश्री प्रीतिसुधाजी ने श्रीपाल-मैनासुंदरी की कथा से समझाई सिद्धचक्र की महिमा
बीकानेर, 18 अक्टूबर। रांगड़ी चौक स्थित पौषधशाला में तपागच्छीय गच्छाधिपति पद्मश्री आचार्य श्रीमद् विजय नित्यानंदसूरिश्वरजी महाराज साहेब की आज्ञानुवर्तिनी साध्वीश्री प्रीतिरत्ना एवं साध्वीश्री प्रीतिसुधा महाराजसा आदि ठाणा-2 की पावन निश्रा में नौ दिवसीय श्री नवपद ओली आराधना का रविवार से शुभारंभ हो गया है। प्रथम दिन सिद्धचक्र के प्रथम पद ‘अरिहंत पद’ की आराधना की गई।


साध्वीश्री प्रीतिसुधा महाराजसा ने अपने प्रवचन में श्रीपाल राजा और मैनासुंदरी की प्रसिद्ध कथा के माध्यम से सिद्धचक्र आराधना और आयंबिल तप के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि स्थान बदलने से संस्कार नहीं बदलने चाहिए तथा परमात्मा के प्रति अटूट श्रद्धा जीवन का अभिन्न हिस्सा होनी चाहिए। प्रथम दिन अरिहंत पद की आराधना के साथ श्वेत वस्तुओं की प्रभावना की गई। सुरेंद्र बद्धाणी ने भी सभा को संबोधित कर इस आयोजन के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान अजय बैद, शांतिलाल हनु कोचर, महेंद्र जैन, देवेंद्र कोचर सहित श्रीसकल संघ के कई सदस्य उपस्थित रहे।



