बीकानेर में नवपद ओली आराधना के दूसरे दिन हुई सिद्ध पद की अर्चना
बीकानेर में नवपद ओली आराधना के दूसरे दिन हुई सिद्ध पद की अर्चना

साध्वीश्री प्रीतिसुधा ने समझाया अरिहंत और सिद्ध परमात्मा का अंतर


बीकानेर, 19 अक्टूबर। रांगड़ी चौक स्थित पौषधशाला में तपागच्छीय गच्छाधिपति पद्मश्री आचार्य श्रीमद् विजय नित्यानंदसूरिश्वरजी महाराज साहेब की आज्ञानुवर्तिनी साध्वीश्री प्रीतिरत्ना, साध्वीश्री प्रीतिसुधा एवं साध्वीश्री प्रीतियशा महाराजसा आदि ठाणा-3 की पावन निश्रा में चल रही नौ दिवसीय श्री नवपद ओली आराधना के दूसरे दिन सोमवार को ‘सिद्ध पद’ की आराधना श्रद्धा व उल्लास के साथ संपन्न हुई।



इस अवसर पर साध्वीश्री प्रीतिसुधा महाराजसा ने अपने प्रवचन में अरिहंत और सिद्ध परमात्मा के स्वरूप, कर्मों से मुक्ति तथा मोक्षमार्ग का विस्तृत विवेचन किया। उन्होंने बताया कि अरिहंत परमात्मा केवलज्ञान प्राप्त करने के पश्चात भी शरीर में विद्यमान रहते हैं, जबकि सिद्ध परमात्मा समस्त कर्मों का क्षय कर अष्ट कर्मों से मुक्त होकर लोक के अग्रभाग पर विराजमान होते हैं। सिद्ध आत्माएं अनंत ज्ञान, अनंत दर्शन, अनंत सुख और अनंत वीर्य जैसे गुणों से परिपूर्ण होती हैं। साध्वीश्री ने कहा कि जीव अपने कर्मों के अनुसार फल प्राप्त करता है, इसलिए मनुष्य को अपने कर्मों और आचरण के प्रति हमेशा सजग रहना चाहिए। आयोजकों ने बताया कि नवपद ओली के तीसरे दिन मंगलवार को ‘आचार्य पद’ की विशेष आराधना की जाएगी।

