थियेटर आधारित व्यक्तित्व विकास कार्यशाला ‘उन्मेष’ का उद्घाटन

थियेटर आधारित व्यक्तित्व विकास कार्यशाला ‘उन्मेष’ का उद्घाटन
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026
  • प्रतिभागियों को दिया गया थियेटर का बुनियादी प्रशिक्षण

बीकानेर , 22 अक्टूबर । स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (SKRAU) तथा मलंग फोलक फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में थियेटर आधारित व्यक्तित्व विकास कार्यशाला ‘उन्मेष’ का गुरुवार को औपचारिक उद्घाटन किया गया। मानव संसाधन विकास सभागार में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. देवाराम सैनी ने कहा कि थियेटर के विभिन्न आयामों के जरिए मानव व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को गहराई से सीखने और समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को थियेटर की बारीकियों को सीखने के साथ-साथ जीवन के विविध पक्षों से रूबरू होने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

कार्यक्रम के दौरान अनुसंधान निदेशक डॉ. एन. के. शर्मा ने प्रतिभागियों को पूरे उत्साह के साथ कार्यशाला में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि कला मनुष्य के जीवन को परिपूर्णता की ओर ले जाती है। वहीं, मानव संसाधन विभाग के निदेशक डॉ. एच. एल. देशवाल ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए आयोजन की सराहना की।

pop ronak
BC opening

थियेटर की बारीकियों से कराया अवगत

कार्यशाला संयोजक एवं सहायक प्रोफेसर डॉ. सीमा त्यागी ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। इस दौरान ख्यातनाम थियेटर प्रशिक्षक अजहर गौड़ तथा प्रयागराज से पधारीं प्रो. आरती उपाध्याय ने प्रतिभागियों के समूह को थियेटर के विभिन्न तकनीकी व व्यावहारिक आयामों पर आधारित व्यक्तित्व विकास का विशेष प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर पूर्व वित्त नियंत्रक राजेंद्र खत्री, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र प्रभारी देवाराम काकड़, मलंग फोल्क फाउंडेशन की कार्यक्रम समन्वयक निकिता तिवारी, सहायक थियेटर प्रशिक्षक सोहम गुप्ता सहित अनेक प्रतिभागी उपस्थित रहे। अतिथियों ने कार्यशाला के पोस्टर का विमोचन भी किया और विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया।

प्रशिक्षण के मनोवैज्ञानिक प्रभावों का होगा अध्ययन

कार्यशाला संयोजक डॉ. सीमा त्यागी ने बताया कि इस कार्यशाला की एक विशेष बात यह रहेगी कि राजकीय कन्या महाविद्यालय, प्रयागराज की प्रो. आरती उपाध्याय द्वारा विद्यार्थियों पर थियेटर आधारित इस विशेष प्रशिक्षण के मनोवैज्ञानिक प्रभावों का वैज्ञानिक अध्ययन भी किया जाएगा, जिससे यह समझा जा सके कि कला और थियेटर किस प्रकार युवाओं के मानसिक व व्यक्तित्व विकास को सकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं।

खाओसा