आर्य समाज बीकानेर में चार दिवसीय वेद प्रचार और स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी समारोह का गरिमामय समापन

आर्य समाज बीकानेर में चार दिवसीय वेद प्रचार और स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी समारोह का गरिमामय समापन
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  • वेद और शास्त्र ‘मनुर्भव’ तथा ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ का देते हैं संदेश: आचार्य आर्य नरेश

बीकानेर, 22 अक्टूबर । महर्षि दयानंद मार्ग (पुराना जेल रोड) स्थित आर्य समाज, बीकानेर में आयोजित चार दिवसीय वेद प्रचार एवं स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी समारोह का भव्य समापन हुआ। समापन अवसर पर हिमाचल प्रदेश से पधारे मुख्य वक्ता आचार्य आर्य नरेश जी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि “वेद और शास्त्र ‘मनुर्भव’ (मनुष्य बनो) और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ का अमर संदेश देते हैं। विभिन्न मत-मतांतरों से ऊपर उठकर जब तक विश्व बंधुत्व का भाव उत्पन्न नहीं होगा, तब तक दुनिया में वास्तविक शांति स्थापित नहीं हो सकती।”

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स्वामी श्रद्धानंद गुरुकुलीय शिक्षा के पुरोधा और महान दलितोद्धारक थे- डॉ. निष्ठा वेदालंकार

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समारोह में उत्तर प्रदेश से पधारीं डॉ. निष्ठा वेदालंकार ने स्वामी श्रद्धानंद जी के बलिदान शताब्दी पर्व पर उनके जीवन वृत्त पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वामी श्रद्धानंद गुरुकुलीय शिक्षा के महान पुरोधा थे। आज से सवा सौ वर्ष पूर्व कांगड़ी ग्राम में उनके द्वारा स्थापित गुरुकुल आज एक विशाल विश्वविद्यालय का रूप ले चुका है। वे महान समाज सुधारक एवं दलितोद्धारक थे। विदेशी शासन काल में जबरन धर्मांतरित किए गए व्यक्तियों की स्वधर्म वापसी के लिए उन्होंने ‘शुद्धि सभा’ का गठन कर उन्हें पुनः वैदिक धर्म में दीक्षित करने का ऐतिहासिक कार्य किया।

भजनों की स्वर लहरी और वेद मंत्रों की आहुतियाँ
कार्यक्रम के दौरान विख्यात भजनोपदेशक दिनेश पथिक ने अपनी सुमधुर स्वर लहरी से अनेक प्रेरणादायी भजनों की प्रस्तुतियाँ दीं, जिससे उपस्थित श्रोता भाव-विभोर हो उठे। चार दिवसीय आयोजन के दौरान प्रतिदिन प्रातःकाल स्वामी सुखानंद जी के ब्रह्मत्व में भव्य यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने वेद मंत्रोच्चार के साथ पवित्र आहुतियाँ अर्पित कीं।

विद्वानों का सम्मान एवं आभार ज्ञापन

समारोह के अंतिम दिन आर्य समाज बीकानेर के प्रधान महेश आर्य, मंत्री भगवती प्रसाद सोनी एवं कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने पधारे हुए विद्वानों और अतिथियों को स्मृति-चिह्न, ओम् पट्टिका तथा शॉल ओढ़ाकर भावभीना अभिनंदन किया।

आर्य समाज के मंत्री भगवती प्रसाद सोनी ने बताया कि इस राष्ट्रीय स्तर के समारोह में बीकानेर संभाग की विभिन्न आर्य समाजों के अलावा उदयपुर, बाड़मेर, सरदारशहर, धौलपुर, सवाई माधोपुर तथा हरियाणा राज्य से बड़ी संख्या में आर्यजन सम्मिलित हुए। कार्यक्रम स्थल पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए वैदिक साहित्य और यज्ञादि सामग्री के विशाल स्टॉल भी लगाए गए थे। अंत में शांति पाठ और गगनभेदी वैदिक उद्घोष के साथ चार दिवसीय समारोह का विधिवत समापन हुआ।

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