

बीकानेर, 31 अक्टूबर । सेठ श्री सूरजमल बिनानी कन्या महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की तीनों इकाइयों के तत्वावधान में महाविद्यालय प्रांगण में राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्या सहित समस्त व्याख्याता, कर्मचारी एवं स्वयंसेविकाएँ उपस्थित रहीं।


कार्यक्रम के प्रथम सत्र में इतिहास विभाग की छात्राओं ने भारत के एकीकरण में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के ऐतिहासिक प्रयासों और संस्मरणों को प्रस्तुत किया। इसके उपरांत, राजनीति विज्ञान के व्याख्याता नरेंद्र शर्मा ने गृह मंत्री के रूप में सरदार पटेल द्वारा किए गए प्रशासनिक व राष्ट्र-निर्माण के कार्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला।



महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अरुणा आचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि आजादी के समय देश विभिन्न भाषाओं, क्षेत्रों और धर्मों के आधार पर बंटा हुआ था। ऐसे विषम समय में सरदार पटेल ने संपूर्ण राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक दायित्व निभाया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी डॉ. राम कुमार व्यास ने सरदार पटेल की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने देशी रियासतों के राजाओं के साथ सतत संवाद कायम कर, उन्हें देश व स्वयं के विकास की विभिन्न शर्तों के साथ एकीकरण के लिए सहमत किया।
NSS प्रभारी डॉ. सीमा बिस्सा ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद की अत्यंत विषम परिस्थितियों में देश का एकीकरण एक बेहद कठिन कार्य था, जिसे सरदार पटेल ने अपनी अद्भुत नेतृत्व क्षमता से संभव बनाया। इसी दृढ़ता के कारण उन्हें ‘लौह पुरुष’ की उपाधि से विभूषित किया गया।
वहीं, NSS प्रभारी डॉ. ऋचा जोशी ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी अदम्य इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प के बल पर ही रियासतों का सफल विलय संभव हो सका। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेविकाओं ने भी सरदार पटेल के जीवन दर्शन और राष्ट्र-निर्माण में उनके योगदान पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का सफल संचालन अंग्रेजी के व्याख्याता गजानंद व्यास ने किया।

