

बच्चों के नवाचारों और कृतियों ने किया सभी को अचंभित


बीकानेर, 4 नवंबर। उपनगरीय क्षेत्र गंगाशहर स्थित श्री गोपेश्वर विद्यापीठ सेकेंडरी स्कूल में आयोजित पांच दिवसीय प्रकृति संरक्षण पंचामृत “प्रवाह” का समापन बुधवार को एक भव्य प्रकृति-प्रेम प्रदर्शनी के साथ संपन्न हुआ। विद्यापीठ के समन्वयक गिरिराज खैरीवाल के अनुसार, बच्चों द्वारा लगाई गई इस प्रदर्शनी में प्रकृति के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोकने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अत्यंत प्रभावी एवं सार्थक संदेश दिए गए।



प्रदर्शनी और विभिन्न गतिविधियां
प्रदूषण और संरक्षण पर मॉडल: विद्यार्थियों ने जल, वायु, ध्वनि और रासायनिक प्रदूषण के खतरों को दर्शाने वाले आकर्षक मॉडल्स, पोस्टर्स और स्लोगन्स के माध्यम से अपनी सृजनात्मकता का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसके अलावा ऊर्जा संरक्षण, संस्कृति संरक्षण, सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों और नशा मुक्ति पर भी सुंदर प्रस्तुतियां दी गईं।
रंगोली और प्रस्तुतियां: बच्चों ने रंगोली, कविताओं, संबोधनों और नाट्यकला के जरिए प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
नशा मुक्ति शपथ: राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भीनासर के प्रधानाचार्य डॉ. करणीदान कच्छवाह ने इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को आजीवन नशामुक्त रहने की शपथ दिलाई।
सराहनीय उपस्थिति एवं मार्गदर्शन
कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के रूप में राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड के मंडल सचिव देवानंद पुरोहित, ‘लर्निंग बाई डूइंग’ के डायरेक्टर पंकज गोदारा, स्काउट व गाइड के स्थानीय संघ (गंगाशहर) के सचिव प्रभुदयाल गहलोत और करुणा इंटरनेशनल संस्था के शिक्षा अधिकारी घनश्याम साध उपस्थित रहे। सभी ने बच्चों के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। इस दौरान रमेश कुमार मोदी, भवानीशंकर बाणिया, मनीष सिरोही, लोकेश कुमार मोदी, हनीश हल्दुनिया, कमलचंद बाणिया, विष्णु नायक, संतोष कुमार आचार्य, मनोज जैन और ठाकुर उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे।
पांच दिनों के प्रमुख आकर्षण
कौशल विकास: प्रधानाध्यापिका भंवरी देवी ने बताया कि 31 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए इस पांच दिवसीय शिविर में बच्चों को 21 तरह की अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी सामग्री बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही 10 से अधिक रचनात्मक व बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण: चौथे दिन सेवानिवृत्त शिक्षक व साहित्यकार मोहम्मद फारूक ने चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या कर अंधविश्वास पर से पर्दा हटाया। दूसरे दिन ‘लर्निंग बाई डूइंग’ के डायरेक्टर गणेश सियाग ने विज्ञान के मॉडल्स और यंत्रों की प्रायोगिक जानकारी दी। तीसरे दिन रेलवे पुलिस थानाधिकारी नेहा राजपुरोहित ने बिजली बचत के टिप्स साझा किए, जबकि सी. सिम्मी मूंदड़ा ने दसवीं के बाद करियर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग: अंतरराष्ट्रीय मार्शल आर्ट कोच प्रीतम सेन और उनकी टीम ने कक्षा 6 से 10वीं तक की छात्राओं को पांच दिनों तक प्रतिदिन सवा घंटे आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) के गुर सिखाए।
बीकानेर की विभूतियों के नाम पर बने ग्रुप
प्रभारी संतोष कुमार आचार्य ने बताया कि बच्चों को आठ समूहों में बांटकर टास्क दिए गए थे। इन समूहों के नाम बीकानेर का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाली महान शख्सियतों—संवित् स्वामी सोमगिरि महाराज, डॉ. एच.पी. व्यास, डॉ. विजय बोथरा, छगन मोहता, लाली माई, राजमाता सुदर्शना कुमारी, कांता कथूरिया और शांति भंडारी के नाम पर रखे गए थे।
समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने जानकारी दी कि ‘प्रवाह’ में भाग लेने वाले सभी प्रशिक्षणार्थियों एवं विजेताओं को आगामी 14 नवंबर 2026 को एक समारोह के दौरान सम्मानित किया जाएगा।

