

हैदराबाद, 5 नवंबर। स्वामी विवेकानंद MBA कॉलेज में व्यक्तित्व विकास और सफलता के सूत्र विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम अनुव्रत अनुशास्ता, महान तपस्वी आचार्य प्रवर के आशीर्वाद, प्रताप शक्ति व आज्ञा तथा उनके प्रबुद्ध शिष्य मुनिश्री दीपकुमारजी व काव्यकुमारजी की प्रेरणा से निर्मला बैद द्वारा संपन्न हुआ।


कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया गया कि किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्प शक्ति का होना बेहद जरूरी है। जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए हमेशा श्रेय मार्ग पर चलना चाहिए और पुरुषार्थ करने से भाग्य भी चमकता है। मन को एकाग्र बनाने के लिए प्रेक्षा-ध्यान के विभिन्न प्रयोग बताए गए। इसके साथ ही नशा मुक्ति और गुटखा जैसी खतरनाक आदतों से दूर रहने के विशेष उपाय बताते हुए नशा मुक्ति के संकल्प भी करवाए गए।



इस अवसर पर अच्छी संगत से अच्छी आदतें विकसित होने, समय प्रबंधन (Time Management), विनम्रता, सहनशीलता और पूरी लगन व मेहनत के साथ अध्ययन करने के महत्व पर प्रकाश डाला गया। असफलता मिलने पर भी हिम्मत, साहस और जागरूकता की नीति अपनाने तथा तनाव मुक्ति के प्रयोग सिखाए गए। प्रामाणिकता और कार्य कौशल वाले विद्यार्थी जीवन में हमेशा आगे बढ़ते हैं, तथा गुरुजनों एवं माता-पिता की आज्ञा का पालन करना सर्वोपरि है। कार्यक्रम में आत्महत्या से दूर रहने का संदेश देने के साथ-साथ आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ जीने की प्रेरणा दी गई।
प्रो. साई कुमारजी ने तेलुगु भाषा में अणुव्रत नियमों की व्याख्या की। कार्यक्रम में लड़कियों का पूरा सहयोग रहा तथा हनुमान-जिनेन्द्र बैद की तरफ से विद्यार्थियों को साहित्य भेंट किया गया।

