बीकानेर में ‘म्हारी प्यारी गवरल’ में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, ग्वरजा माता की भक्ति में डूबा शहर
बीकानेर में 'म्हारी प्यारी गवरल' में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, ग्वरजा माता की भक्ति में डूबा शहर



बीकानेर, 29 मार्च 2026। मरुधरा की सांस्कृतिक राजधानी बीकानेर में प्रीति क्लब द्वारा आयोजित “म्हारी प्यारी गवरल” कार्यक्रम ने राजस्थानी लोक संस्कृति और अटूट आस्था का अनुपम उदाहरण पेश किया। लक्ष्मी हेरिटेज के प्रांगण में आयोजित इस उत्सव में ग्वरजा माता के भजनों और नृत्यों की ऐसी सरिता बही कि उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध हो उठा।


भक्ति, नृत्य और गीतों का त्रिवेणी संगम
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ग्वरजा माता को समर्पित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। उत्सव में कुल 11 समूहों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया:


नृत्य प्रस्तुति: 6 समूहों ने पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में सज्ज होकर मनोहारी नृत्य पेश किए, जिससे पूरा पंडाल झूमने पर मजबूर हो गया।
भक्ति गायन: 5 समूहों ने सुमधुर भजनों के माध्यम से मां ग्वरजा के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा प्रकट की, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संकल्प
मुख्य अतिथि सुशील थिरानी और विशिष्ट अतिथि ओमप्रकाश करनानी एवं रामप्रसाद मिमानी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। क्लब के सचिव रघुवीर झंवर ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध विरासत को युवा पीढ़ी तक पहुँचाने और समाज में सद्भाव बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं। वहीं, कोषाध्यक्ष बृजमोहन चांडक ने क्लब की सामाजिक और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता को दोहराया।
प्रतिभाओं का सम्मान और गणमान्य उपस्थिति
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सुनील सारड़ा ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर बीकानेर के प्रमुख व्यक्तित्व द्वारकाप्रसाद पचीसिया, शशिमोहन मुंधड़ा, भवानीशंकर राठी, किशन सींगी, बाबूलाल मोहता, और रोहित पचीसिया सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। रंग-बिरंगे परिधानों, लोक धुनों और मां ग्वरजा के जयकारों के बीच ‘म्हारी प्यारी गवरल’ उत्सव बीकानेर की सांस्कृतिक आत्मा की एक अमिट पहचान बन गया।
