राजस्थान में कुदरत का खौफनाक संकेत, 55 डिग्री तक पहुँच सकता है पारा, रोहिड़ा के फूलों ने दी भीषण गर्मी की चेतावनी
राजस्थान में कुदरत का खौफनाक संकेत, 55 डिग्री तक पहुँच सकता है पारा



बीकानेर, 5 मार्च । राजस्थान में इस बार की गर्मी पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करने की ओर बढ़ रही है। मौसम वैज्ञानिक, पर्यावरण विशेषज्ञ और ज्योतिषाचार्य तीनों एक ही सुर में ‘अत्यधिक और जानलेवा’ गर्मी की भविष्यवाणी कर रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में तापमान 50 से 55 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुँच सकता है, जो मानव जीवन और पर्यावरण के लिए एक बड़ा संकट साबित होगा।


इस भीषण खतरे का सबसे बड़ा प्राकृतिक संकेत रोहिड़ा (रेगिस्तान का सागवान) के पेड़ों से मिल रहा है। महाराजा गंगा सिंह यूनिवर्सिटी के पर्यावरण विभागाध्यक्ष अनिल छंगाणी के अनुसार, रोहिड़ा के फूल जो आमतौर पर मार्च में खिलते हैं, वे इस बार फरवरी से पहले ही आने शुरू हो गए हैं। प्रकृति का यह असमय बदलाव स्पष्ट संकेत है कि अप्रैल में ही जून जैसी झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि ग्लोबल वार्मिंग और गर्म गैसों के उत्सर्जन के कारण पूरा परिसंचरण तंत्र बिगड़ चुका है।


मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने ‘लॉन्ग रेंज फॉरकास्ट’ जारी करते हुए बताया कि मार्च से मई के बीच उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में हीटवेव (लू) के दिनों की संख्या सामान्य से काफी अधिक रहेगी। विभाग के अनुसार, इस बार न केवल दिन का पारा चढ़ेगा, बल्कि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर रहेगा, जिसका अर्थ है कि रातें भी उतनी ही गर्म होंगी। राजस्थान जैसे शुष्क क्षेत्रों में प्री-मानसून बारिश की कमी इस स्थिति को और भी भयावह बना सकती है।
खगोलीय दृष्टिकोण से भी स्थिति चिंताजनक नजर आ रही है। ज्योतिषाचार्य हरिनारायण व्यास मन्नासा का कहना है कि मंगल, शनि और राहु-केतु की वर्तमान स्थिति हीटवेव को और उग्र बनाएगी। सूर्य के प्रभाव और पश्चिमी राजस्थान में बनने वाले ‘एंटी साइक्लोन सर्कुलेशन’ के कारण गर्मी के तेवर तीखे रहेंगे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अभी से लोगों को हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचने की सलाह दी है।
