नयाशहर पुलिस और कैफे संचालक के बीच आधी रात को भिड़ंत
नयाशहर पुलिस और कैफे संचालक के बीच आधी रात को भिड़ंत



सैंडविच ऑर्डर को लेकर बढ़ा विवाद, थाने पर उमड़ा जनसैलाब


बीकानेर, 8 मार्च । बीकानेर के नयाशहर थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात जस्सुसर गेट स्थित ‘द वन कैफे’ पर पुलिसकर्मियों और कैफे संचालक के बीच हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। सैंडविच के ऑर्डर से शुरू हुई मामूली कहासुनी मारपीट और गाली-गलौज तक पहुँच गई, जिसके बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों और भाजपाइयों ने थाने का घेराव कर दिया।


सैंडविच ऑर्डर बना विवाद की जड़
कैफे संचालक उमेश ओझा ने थानाधिकारी को सौंपे परिवाद में बताया कि रात करीब 1 बजे जब वह कैफे बंद करने की तैयारी कर रहा था, तभी कुछ पुलिसकर्मी वहां पहुँचे और सैंडविच का ऑर्डर दिया। आरोप है कि जब सैंडविच तैयार होने लगा, तो एक अन्य पुलिसकर्मी ने अचानक मना कर दिया। इसी बात को लेकर शुरू हुई बहस इतनी बढ़ी कि पुलिसकर्मियों ने संचालक के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की।
पुलिस की दलील: कैफे बंद करवाने का था मामला
दूसरी ओर, ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों का पक्ष इसके विपरीत है। पुलिस के अनुसार, देर रात तक कैफे खुला होने के कारण उसे बंद करवाने के निर्देश दिए गए थे। इसी दौरान संचालक और पुलिस बल के बीच कहासुनी हुई। पुलिस का कहना है कि वे केवल कानून व्यवस्था और रात्रि कर्फ्यू नियमों की पालना करवा रहे थे।
थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी और युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष वेद व्यास नयाशहर थाने पहुँच गए। व्यास ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि मेहनत कर अपनी दुकान चलाना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिसकर्मियों ने शराब के नशे में या पद के दुरुपयोग के चलते मारपीट की है, तो उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। देर रात तक चली गहमागहमी के बाद अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है।
