देशनोक के 480 वर्ष प्राचीन आदिनाथ मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब: ध्वजा महोत्सव और सतरभेदी पूजा संपन्न
देशनोक के 480 वर्ष प्राचीन आदिनाथ मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब: ध्वजा महोत्सव और सतरभेदी पूजा संपन्न



बीकानेर/देशनोक, 8 मार्च । देशनोक के सदर बाजार में स्थित करीब पांच शताब्दी प्राचीन भगवान श्री आदिनाथ जैन मंदिर में रविवार को वार्षिक ध्वजा महोत्सव और भक्ति संगीत के साथ सतरभेदी पूजा का भव्य आयोजन हुआ। इस पावन अवसर पर देशनोक सहित बीकानेर, गंगाशहर और भीनासर से बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने पहुँचकर धर्म लाभ लिया।


भक्ति संगीत और सतरभेदी पूजा का उल्लास
श्री आदिश्वर भगवान मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेन्द्र भूरा और मंत्री महेन्द्र जैन के नेतृत्व में आयोजित इस महोत्सव की शुरुआत शांति स्नात्र पूजा से हुई। इसके पश्चात श्रीमती कंचन कोचर, श्रीमती वसु सिंगी और विरेन्द्र ‘पप्पूजी’ बांठिया ने भगवान आदिनाथ की स्तुति में विभिन्न रागों और तर्जों पर भजनों की प्रस्तुतियां दीं। संगीत की मधुर लहरियों के बीच सतरभेदी पूजा सविधि संपन्न करवाई गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।


गच्छाधिपति का मिला वर्च्युअल आशीर्वाद
ट्रस्ट के सह सचिव जिनेन्द्र कोचर ने बताया कि 480 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर का जीर्णोद्धार वर्ष 1999 में गच्छाधिपति विजय नित्यानंद सूरिश्वरजी के सान्निध्य में हुआ था। रविवार को गच्छाधिपति ने वर्च्युअल माध्यम से महोत्सव में जुड़कर ट्रस्टियों की देव-गुरु और धर्म के प्रति आस्था की अनुमोदना की और अपना आशीर्वाद प्रदान किया।
जैन समाज की एकता का अनूठा संगम
महोत्सव की खास बात यह रही कि इसमें जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ, तपागच्छ, पार्श्वचन्द्र गच्छ, साधुमार्गी संघ और तेरापंथ सहित सभी पंथों के अनुयायियों ने सामूहिक रूप से शिरकत की। बीकानेर, गंगाशहर और भीनासर से करीब 125 श्रद्धालु विशेष बस के माध्यम से देशनोक पहुँचे।
कार्यक्रम के समापन पर साधार्मिक भक्ति (स्वामीवात्सल्य) का आयोजन किया गया, जहाँ सभी समुदाय के लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन प्रसादी ग्रहण की, जो जैन समाज की आपसी एकता और सौहार्द का प्रतीक बनी। समारोह में संरक्षक नत्थमल सुराणा, सहमंत्री जिनेन्द्र कोचर, उपाध्यक्ष गौतम सिपानी सहित कई ट्रस्टी और गणमान्य जन उपस्थित रहे।
