सोने पर फर्जी हॉलमार्किंग के खिलाफ BIS का बड़ा एक्शन


- जयपुर की टीम ने सालासर बालाजी सेंटर पर मारा छापा
जोधपुर, 22 जनवरी। राजस्थान के जोधपुर में सोने के गहनों की शुद्धता से खिलवाड़ करने वाले गिरोह के खिलाफ भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। जयपुर से आई विशेष टीम ने शहर के जालोर गेट स्थित ‘सालासर बालाजी हॉलमार्किंग सेंटर’ पर अचानक छापा मारा, जिससे पूरे घोड़ों का चौक बाजार के स्वर्ण व्यवसायियों में हड़कंप मच गया।


फर्जी हॉलमार्किंग की शिकायतों पर हुई कार्रवाई
विभागीय सूत्रों के अनुसार, बीआईएस (BIS) को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि इस सेंटर पर मानक नियमों की अनदेखी कर सोने के आभूषणों पर फर्जी हॉलमार्क लगाए जा रहे हैं। टीम को अंदेशा है कि कई स्थानीय दुकानदार भी इस गोरखधंधे में शामिल हैं, जो कम कैरेट के सोने को फर्जी हॉलमार्किंग के जरिए 22 कैरेट बताकर ग्राहकों को चूना लगा रहे थे।


2 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन, दस्तावेज जब्त
दोपहर को शुरू हुई यह कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली। इस दौरान टीम ने सेंटर के कंप्यूटर रिकॉर्ड, हॉलमार्किंग मशीन और कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन जांच की। जयपुर की टीम अपने साथ कई संदिग्ध दस्तावेज और नमूने जब्त कर ले गई है। हालांकि, अधिकारियों ने कार्रवाई की गोपनीयता बनाए रखते हुए फिलहाल मीडिया को विस्तृत जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया है।
बाजार में अफरा-तफरी का माहौल
घोड़ों का चौक और घाचियों का बास जैसे व्यस्त सर्राफा क्षेत्रों में इस कार्रवाई की खबर आग की तरह फैल गई। कार्रवाई के डर से कई दुकानदारों ने आनन-फानन में अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए, वहीं कुछ लोग मौके पर एकत्र होकर टीम की गतिविधियों पर नजर रखते दिखे। माना जा रहा है कि जब्त दस्तावेजों की जांच के बाद इस मामले में कई बड़े सर्राफा कारोबारियों के नाम सामने आ सकते हैं।
पुराने मामलों से जुड़ रहे हैं तार
गौरतलब है कि राजस्थान के अन्य शहरों जैसे जयपुर, बीकानेर और उदयपुर में भी पूर्व में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां कम शुद्धता वाले सोने पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर उपभोक्ताओं को गुमराह किया गया था। इस कार्रवाई को उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है ताकि उपभोक्ताओं की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखा जा सके।
अधिकारियों का रुख
BIS अधिकारियों का कहना है कि हॉलमार्किंग व्यवस्था उपभोक्ताओं को सोने की शुद्धता की गारंटी देने के लिए बनाई गई है। फर्जी हॉलमार्किंग न केवल अवैध है, बल्कि यह आम जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ है। फिलहाल विभाग ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो सेंटर का लाइसेंस रद्द करने सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
