बैंक मैनेजर के निधन के बाद परिजनों ने पेश की मिसाल, दुख की घड़ी में नेत्रदान कर रोशन की दूसरों की दुनिया
बैंक मैनेजर के निधन के बाद परिजनों ने पेश की मिसाल


बीकानेर , 1 फ़रवरी । सड़क हादसे में असमय काल कवलित हुए एक युवा बैंक मैनेजर के परिजनों ने अत्यंत दुख की घड़ी में मानवता की सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया है। गुरुवार रात करीब 10:30 बजे मेघासर निवासी 43 वर्षीय केदारमल उपाध्याय, जो श्रीडूंगरगढ़ स्थित एचडीएफसी बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे, का सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। उनके निधन से जहां परिवार और बैंकिंग क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं उनके पीछे छोड़ गए अंगों ने दो लोगों के जीवन में नई रोशनी भरने का मार्ग प्रशस्त किया।


हादसे के बाद जब शव पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर लाया गया, तो वहां तैनात इंचार्ज सीएमओ डॉ. एल. के. कपिल और नर्सिंग ऑफिसर बलवीर सिंह ने शोक संतप्त परिवार को अंगदान के महत्व के बारे में समझाया। चिकित्साकर्मियों की प्रेरणा और अंगदान के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए मृतक के परिजनों, लक्ष्मीनारायण और शिव लाल शर्मा ने साहस दिखाते हुए केदारमल की आंखें दान करने का निर्णय लिया। उनकी इस सहमति के बाद आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान के सहयोग से नेत्रदान की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।


आई डोनेशन टेक्नीशियन नीलेंद्र सिंह ने समय रहते सुरक्षित रूप से कॉर्निया एकत्रित किया। नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष श्योपत गोदारा ने इस नेक कार्य की सराहना करते हुए कहा कि मृत्यु के पश्चात भी अंगों का दान करना जीवन का सबसे बड़ा परोपकार है। इस पुनीत कार्य में डॉ. सात्विक कच्छावा, डॉ. उत्सव, और पुलिस चौकी स्टाफ सहित पूरी मेडिकल टीम का विशेष सहयोग रहा। समाज के गणमान्य नागरिकों ने पीड़ित परिवार के इस निर्णय को प्रेरणादायी बताते हुए उन्हें प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया।
