अजित फाउंडेशन द्वारा बाल विज्ञान पुस्तक मेला आयोजित, “पढ़ना एक कौशल है, एक आर्ट है” – प्रमोद चमौली

अजित फाउंडेशन द्वारा बाल विज्ञान पुस्तक मेला आयोजित
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quicjZaps 15 sept 2025

बीकानेर, 11 अक्टूबर। अजित फाउंडेशन द्वारा आयोजित बाल विज्ञान पुस्तक मेले के अंतर्गत बीकानेर में एक विज्ञान पुस्तक प्रदर्शनी और सृजनात्मक विज्ञान लेखन पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध विज्ञान लेखक एवं साहित्यकार प्रमोद चमौली ने पढ़ने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पाठ्य पुस्तकों के अलावा सृजनात्मक लेखन को पढ़ने से बच्चों में आत्मविश्वास जागृत होता है और उनकी सोच का विकास होता है।
चमौली ने जोर देकर कहा, “पढ़ना एक कौशल है, एक आर्ट है” जिसे प्रत्येक बच्चे को समझना और अपनाना चाहिए। पढ़ते समय शब्दों को आत्मसात करने से मन-मस्तिष्क में एक आवरण बनता है, जो हमारी परिकल्पना को मजबूत करता है। सृजनात्मक विज्ञान लेखन पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि विज्ञान जिज्ञासा को बढ़ाता है, जीवन जीने की कला सिखाता है और बच्चों की सृजन शक्ति को विकसित करने के रास्ते दिखाता है।

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विशिष्ट अतिथि और वक्ताओं की टिप्पणियां
शिक्षाविद् और समाजसेवी मनोज व्यास ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि पढ़ने की रुचि विकसित करना जरूरी है, चाहे वह पाठ्यक्रम की पुस्तकें हों या अन्य साहित्य। अच्छा साहित्य पढ़ने से सोच का दायरा बढ़ता है और समाज व देश की सेवा के लिए नए अवसर मिलते हैं।
विक्टोरियस सी. सै. स्कूल की प्राचार्या रोहिणी ने पुस्तकालय के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय और पाठक एक-दूसरे के पूरक हैं। शिक्षक सशक्त पीढ़ी और स्वच्छ समाज का निर्माण करते हैं, और इस दिशा में अजित फाउंडेशन जैसे संगठनों का योगदान सराहनीय है।
संस्था समन्वयक संजय श्रीमाली ने बच्चों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें पुस्तकों से जोड़ने की बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं, और उन्हें निखारने से देश का भविष्य और उज्ज्वल होगा। श्रीमाली ने अजित फाउंडेशन की गतिविधियों का परिचय देते हुए बच्चों को पुस्तकालय से जुड़कर सर्वांगीण विकास करने के लिए प्रेरित किया।

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कार्यक्रम में भागीदारी
कार्यक्रम में विक्टोरियस सी. सै. स्कूल के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिक्षिकाओं नितू, रेखा और अन्य ने भी सक्रिय रूप से योगदान दिया। यह आयोजन बच्चों में पढ़ने और सृजनात्मक लेखन की रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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