हनुमानगढ़ में पुलिस कस्टडी में बर्बरता का आरोप, युवक की कलाइयां तोड़ने पर फूटा गुस्सा, एसपी कार्यालय घेरा
हनुमानगढ़ में पुलिस कस्टडी में बर्बरता का आरोप, युवक की कलाइयां तोड़ने पर फूटा गुस्सा, एसपी कार्यालय घेरा


हनुमानगढ़, 17 फरवरी। पुलिस की कार्यप्रणाली और मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर हनुमानगढ़ में शुक्रवार को भारी तनाव देखा गया। गोलूवाला थाना पुलिस पर चोरी के एक आरोपी के साथ हिरासत में बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगा है। इस घटना के विरोध में विभिन्न सामाजिक संगठनों और परिजनों ने जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और ‘खाकी’ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


मामला हांसलिया निवासी अमरजीत सिंह बावरी से जुड़ा है, जिसे चोरी के संदेह में पुलिस ने हिरासत में लिया था। परिजनों ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मेडिकल जांच के बाद और कोर्ट में पेश करने से ठीक पहले अमरजीत को एक बंद कमरे में ले जाकर पुलिसकर्मियों ने लाठियों से बेरहमी से पीटा। इस कथित टॉर्चर का परिणाम यह रहा कि युवक के दोनों हाथों की कलाइयां फ्रैक्चर हो गईं।


कोर्ट में बिगड़ी तबीयत, हालत गंभीर
पीड़ित के परिजनों के अनुसार, जब अमरजीत को अदालत में पेश किया गया, तो वह दर्द से तड़प रहा था और उसकी स्थिति बेहद नाजुक थी।
इलाज: कोर्ट में तबीयत बिगड़ने पर उसे तुरंत पीलीबंगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर हालत में हनुमानगढ़ रेफर कर दिया गया।
आक्रोश: अस्पताल में युवक की हालत देख सामाजिक कार्यकर्ताओं और बावरी समाज के लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया।
मानवाधिकार आयोग तक जाएगा मामला, निलंबन की मांग
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रघुवीर वर्मा, शेर सिंह और जसविंदर धारीवाल ने कहा कि यदि रक्षक ही भक्षक बन जाएंगे, तो आम नागरिक न्याय की उम्मीद किससे करेगा? प्रदर्शनकारियों ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर निम्नलिखित मांगें रखीं:
- दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
- पुलिस हिरासत में मारपीट करने वालों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज हो।
- मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए।
- संगठनों ने चेतावनी दी है कि वे इस बर्बरता के खिलाफ राज्य और केंद्रीय मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाएंगे।
पुलिस का आश्वासन: जांच के बाद होगी कार्रवाई
प्रदर्शन के दौरान रफीक लोधी, रविंद्र बावरी सहित अनेक लोग मौजूद रहे। मौके पर पहुँचे पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त किया और विश्वास दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में कोई भी कार्मिक दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हालांकि, आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक दोषियों पर गाज नहीं गिरती, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
