दहशत- राजस्थान हाईकोर्ट को फिर बम से उड़ाने की धमकी, जोधपुर और जयपुर बेंच में मचा हड़कंप; ईमेल से मिली चेतावनी

दहशत- राजस्थान हाईकोर्ट को फिर बम से उड़ाने की धमकी
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खमत खामणा

जोधपुर/जयपुर, 17 फरवरी। राजस्थान की न्यायपालिका के सर्वोच्च केंद्रों—जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर पीठ—को मंगलवार सुबह एक बार फिर आतंकी धमकी का सामना करना पड़ा। हाईकोर्ट प्रशासन को सुबह एक अज्ञात ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। इस सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आईं और एहतियात के तौर पर दोनों ही परिसरों को खाली करवाकर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया।

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जोधपुर में डीसीपी (पश्चिम) विनीत बंसल के नेतृत्व में पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता (BDS) और डॉग स्क्वायड की टीमों ने कोर्ट रूम, गलियारों और पार्किंग क्षेत्र के चप्पे-चप्पे को खंगाला। करीब ढाई घंटे तक चली सघन चेकिंग के बाद जब कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, तब प्रशासन ने राहत की सांस ली। जयपुर बेंच में भी इसी तरह का सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जो अंततः ‘मॉक ड्रिल’ की तरह सुखद रहा क्योंकि वहां भी कुछ बरामद नहीं हुआ।

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सुरक्षा के घेरे में न्याय का मंदिर: 11:30 बजे शुरू हुआ कामकाज
जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुबह सवा ग्यारह बजे से न्यायाधीशों के कोर्ट पहुँचने का सिलसिला शुरू हुआ और 11:30 बजे से न्यायिक कार्यवाही विधिवत रूप से पुनः प्रारंभ की गई। हालांकि, सुरक्षा को लेकर अब कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं:

आईडी कार्ड अनिवार्य: बिना वैध बार कौंसिल कार्ड या आधिकारिक पहचान पत्र के किसी भी वकील को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।

परिवादियों के लिए सख्ती: मुकदमों की सुनवाई के लिए आ रहे परिवादियों को गेट नंबर 1 से बाकायदा पास बनवाने के बाद ही भीतर जाने की अनुमति मिल रही है।

बाहरी प्रवेश वर्जित: किसी भी अनजान या बिना काम वाले व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

बार-बार मिलती धमकियां: न्यायिक कार्य हो रहा प्रभावित
यह पहली बार नहीं है जब राजस्थान हाईकोर्ट को इस तरह निशाना बनाया गया हो। पिछले कुछ महीनों में धमकियों का यह सिलसिला बढ़ गया है:

6 फरवरी 2026: ठीक 11 दिन पहले भी इसी तरह की धमकी के बाद जयपुर-जोधपुर परिसरों में अफरा-तफरी मची थी।

प्रभाव: बार-बार हो रही इन फर्जी धमकियों के कारण महत्वपूर्ण मुकदमों की सुनवाई टल रही है, जिससे वकीलों और आम जनता में रोष है।

प्रशासन और पुलिस ने वकील संगठनों से अपील की है कि वे सुरक्षा जांच में पूर्ण सहयोग करें। साइबर सेल अब उन ईमेल एड्रेस की बारीकी से जांच कर रही है, जिनसे ये धमकी भरे संदेश भेजे जा रहे हैं, ताकि इस मानसिक आतंक फैलाने वाले मास्टरमाइंड तक पहुँचा जा सके।

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