नव संवत्सर 2083 के प्रारम्भ पर बीकानेर के 151 मंदिरों और विद्यालयों में गूंजेंगे सनातन के जयकारे

नव संवत्सर 2083 के प्रारम्भ पर बीकानेर के 151 मंदिरों और विद्यालयों में गूंजेंगे सनातन के जयकारे
shreecreates
quicjZaps 15 sept 2025
  • पाटी-पोथी पूजन की परंपरा होगी पुनर्जीवित

बीकानेर, 11 मार्च । भारतीय संस्कृति एवं सनातन सार्वभौम महासभा तथा श्री विप्र महासभा के तत्वावधान में इस वर्ष नव संवत्सर 2083 का स्वागत बीकानेर जिले में अत्यंत भव्य और दिव्य रूप में किया जाएगा। 19 मार्च 2026 को आयोजित होने वाले इस 43वें पूजन अनुष्ठान के तहत नगर सेठ श्री लक्ष्मीनाथ जी मंदिर सहित जिले के 151 मंदिरों, 151 विद्यालयों और 151 प्रमुख चौराहों पर विशेष आयोजन होंगे।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

परंपरागत स्वागत और अनुष्ठान
पूजन अनुष्ठान के साधक पंडित योगेन्द्र कुमार दाधीच (अध्यक्ष, भारतीय संस्कृति एवं सनातन सार्वभौम महासभा) की अगुवाई में नव संवत्सर का स्वागत अनूठे ढंग से किया जाएगा।

pop ronak

रंगोली और तिलक: गुलाल और पुष्पों से भव्य रंगोली सजाई जाएगी। भक्तों को त्रिवेणी मिश्रित जल से कुमकुम तिलक लगाकर रक्षा सूत्र (मौलिका) बांधा जाएगा।

प्रसाद: मिश्री और नीम के औषधीय व पारंपरिक भोग का वितरण होगा।

जन-सहभागिता: शहर के गली-मोहल्लों और 151 चौराहों पर स्थानीय स्त्री-पुरुषों द्वारा दीपदान और रंगोली के कार्यक्रम होंगे।

कन्या पूजन और नारी शक्ति का सम्मान
नव संवत्सर से शुरू होने वाले नवरात्र के दौरान नौ दिनों तक कन्या पूजन के विशेष अनुष्ठान होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक सौहार्द और कन्या उत्थान का भाव जगाना है:

दुर्गा अष्टमी: 151 मंदिरों में एक साथ कन्या पूजन होगा। मुख्य आयोजन नागाणेचीजी मंदिर (पवनपुरी) में होगा, जहाँ 1008 कन्याओं का पूजन कर उन्हें पारंपरिक लापसी का भोग और माताजी की तस्वीर भेंट की जाएगी।

पाटी-पोथी पूजन: विलुप्त होती परंपरा का संरक्षण
राम नवमी के अवसर पर नगर सेठ लक्ष्मीनाथ जी मंदिर परिसर स्थित चामुंडा माताजी मंदिर में एक विशेष अनुष्ठान होगा। सनातन के 16 संस्कारों के अंतर्गत नौनिहालों और विद्यार्थियों के लिए पाटी-पोथी, कलम-बरता और सरस्वती माताजी की तस्वीर का पूजन कर उन्हें भेंट किया जाएगा।

उद्देश्य: शिक्षा की प्राचीन सनातनी परंपरा और संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाना।

पंजीकरण प्रक्रिया (Registration)
पाटी-पोथी और पूजन सामग्री प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है।

तिथि: पंजीकरण 20 मार्च 2026 से शुरू होगा।

स्थान: गीता मंदिर में पुजारी बुलाकी सेवग के पास रखे रजिस्टर में नाम, उम्र, कक्षा और मोबाइल नंबर दर्ज करवाया जा सकता है। आयोजन समिति के सदस्यों से भी संपर्क किया जा सकता है।

आयोजन समिति: उत्सव के सफल संचालन हेतु केशव प्रसाद बिस्सा, दीपक आसोपा, महेश पारीक, नवल कल्ला, डॉ. एस.पी. पुरोहित सहित कई गणमान्य जनों की समिति गठित की गई है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *