पश्चिम बंगाल के मालदा में न्यायिक अधिकारियों पर हमले के खिलाफ बीकानेर बार एसोसिएशन का कड़ा विरोध
बीकानेर बार एसोसिएशन का कड़ा विरोध



- केंद्र सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
बीकानेर। 4 अप्रैल। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों के साथ हुई अभद्रता और उनके कार्य में बाधा डालने की घटना ने बीकानेर के कानूनविदों में भारी रोष पैदा कर दिया है। बार एसोसिएशन, बीकानेर ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे न्यायपालिका की गरिमा पर सीधा प्रहार बताया है।


उच्चतम न्यायालय के आदेश पर गए थे अधिकारी
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित ने जानकारी दी कि माननीय उच्चतम न्यायालय के स्पष्ट आदेशानुसार न्यायिक अधिकारी मालदा में मतदाता सूची के निरीक्षण कार्य हेतु गए थे। इस दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने न केवल उनकी न्यायिक कार्यवाही में बाधा उत्पन्न की, बल्कि उनके साथ अत्यंत अभद्र व्यवहार भी किया। पुरोहित ने कहा कि एक संवैधानिक कर्तव्य का पालन कर रहे अधिकारियों के साथ ऐसी घटना निंदनीय और अक्षम्य है।


लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक संकेत
एसोसिएशन का मानना है कि इस प्रकार की घटनाएं देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और स्वतंत्र न्यायिक प्रणाली के लिए अत्यंत घातक हैं। बीकानेर बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसे दोषियों के विरुद्ध तत्काल और कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता और कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
न्यायिक सुरक्षा और अंकुश की मांग
बार एसोसिएशन, बीकानेर ने भारत सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। संगठन ने पुरजोर शब्दों में कहा है कि देशभर में न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि वे बिना किसी भय के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ऐसी घटनाओं पर शीघ्र अंकुश नहीं लगाया गया, तो देश की न्यायिक व्यवस्था कमजोर पड़ सकती है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना होगा।
