बीकानेर के सरकारी समाचार
बीकानेर सरकारी समाचार


बालिका सैनिक स्कूल के लिए चयन परीक्षा 8 मार्च को


बीकानेर, 27 फरवरी। बजट घोषणा वर्ष 2024–25 की अनुपालना में चरणबद्ध रूप से प्रथम चरण में राजस्थान बालिका सैनिक स्कूल के लिए चयन परीक्षा 2026 का आयोजन 8 मार्च 2026 (रविवार) को प्रातः 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक राज्य के समस्त जिला मुख्यालयों पर किया जाएगा।


शिक्षा विभागीय परीक्षाओं के पंजीयक ने बताया कि विभाग द्वारा इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। परीक्षा के माध्यम से पूज्या रामीदेवी रामनारायण राठी बालिका सैनिक स्कूल जयमलसर (बीकानेर) एवं महाराव शेखाजी बालिका सैनिक स्कूल, सीकर में प्रवेश हेतु चयन किया जाएगा।
उक्त परीक्षा के प्रवेश पत्र ऑनलाइन जारी कर दिए गए हैं। परीक्षार्थी अपने प्रवेश पत्र शाला दर्पण पोर्टल के बालिका सैनिक स्कूल टेब के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं। जिन अभ्यर्थियों ने ऑफलाइन आवेदन किया है, वे अपना प्रवेश पत्र संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) (माध्यमिक) कार्यालय से भी प्राप्त कर सकते हैं।
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आचार्य तुलसी कैंसर संस्थान को महावीर इंटरनेशनल बीकाणा वीरा केंद्र ने भेंट किए विजिटर बेंच व कूलर
बीकानेर, 27 फरवरी। महावीर इंटरनेशनल बीकाणा वीरा केंद्र द्वारा आचार्य तुलसी क्षेत्रीय कैंसर चिकित्सा एवं अनुसंधान केंद्र, पीबीएम चिकित्सालय को पाँच विजिटर बेंच एवं दो कूलर भेंट किए गए।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पीबीएम चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया, कैंसर संस्थान की निदेशक डॉ. नीति शर्मा, डॉ. संगीता जैन सहित वीरा केंद्र की अध्यक्ष मनीषा बोथरा डागा, सचिव मिथिला भूरा, रीजन सेक्रेटरी संतोष बांठिया, जॉन अध्यक्ष टोडरमल चोपड़ा, वीर चंद्र कुमार राखेचा, वीरा चारू नाहटा, वीरा रेणु गुजरानी, नीलम दफ्तरी, सपना भूरा, सरिता दसानी, सरिता बोथरा, जया सेठिया, रजनी नाहटा, प्रियंका जैन, मंजू नौलखा सहित वीरा बहनों की उपस्थिति रही।
वीरा केंद्र की अध्यक्ष मनीषा बोथरा डागा ने कहा कि संस्थान समाज सेवा के कार्यों में निरंतर अग्रणी भूमिका निभाती रही है और भविष्य में भी इस प्रकार का सहयोग जारी रहेगा।
पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया एवं कैंसर संस्थान की निदेशक डॉ. नीति शर्मा ने महावीर इंटरनेशनल बीकाणा वीरा केंद्र का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उपलब्ध कराए गए संसाधन कैंसर रोगियों एवं उनके परिजनों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे। इस सहयोग से अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
अंत में निदेशक डॉ. नीति शर्मा ने भेंट के लिए संस्था का धन्यवाद ज्ञापित किया।
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कृषि अधिकारियों की मासिक तकनीकी व खण्डीय समीक्षा बैठक आयोजित
उच्च तापमान से गेहूं फसल में होने वाले नुकसान को कम करने के लिए किसान गेहूँ की फसल में सिंचाई एवं पोटेशियम नाइट्रेट 1 प्रतिशत का पर्णीय छिड़काव करें- प्रो. अमर सिंह गोदारा
बीकानेर, 27 फरवरी। अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) के निर्देशानुसार स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कृषि अनुसंधान केंद्र में मासिक तकनीकी कार्यशाला व खण्डीय समीक्षा बैठक का आयोजन शुक्रवार को किया गया।
मासिक तकनीकी कार्यशाला माह फरवरी संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार मदनलाल, क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक, कृषि अनुसंधान केन्द्र एसकेआरएयू डॉ एस आर यादव व उपनिदेशक कृषि सिक्षेंवि दीपक कपिला की अध्यक्षता में आयोजित की गई। मासिक तकनीकी कार्यशाला में फरवरी में की गए कृषि क्रियाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मार्च में कृषकों द्वारा की जाने वाली कृषि व उद्यानिकी तकनीकी पर चर्चा की गई।
कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक प्रो. अमर सिंह गोदारा, डॉ भंवर देवी सिंह नाथावत, डॉ सुशील कुमार, डॉ बी एस मिठारवाल इत्यादि ने मासिक तकनीकी सत्र में पावर पाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुतीकरण दिया। प्रो. अमर सिंह गोदारा ने बताया कि उच्च तापमान से गेहूं फसल में होने वाले नुकसान को कम करने के लिए किसान गेहूँ की फसल में सिंचाई एवं पोटेशियम नाइट्रेट 1 प्रतिशत का पर्णीय छिड़काव करें।
कार्यालय अतिरिक्त निदेशक कृषि के उप निदेशक कृषि जयदीप दोगने ने कृषि विभागीय योजनाओं की अब तक अर्जित भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभिन्न योजनाओं जैसे – फार्म पौण्ड, पाईप लाईन, डिग्गी, तारबन्दी, कृषि यंत्र, गोवर्धन जैविक योजना, प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना, नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिग योजना में आवंटित बजट का शत-प्रतिशत व्यय करें। दोगने ने विभिन्न योजनाओं में भौतिक सत्यापन कर तत्काल वित्तीय स्वीकृति जारी कर 7 दिवस में बजट उपयोग करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये।
कृषि आदान निरीक्षकों को निर्देशित किया कि इस वर्ष आवंटित बीज, उर्वरक, कीटनाशी के शत-प्रतिशत लक्ष्यों की प्राप्ति निरीक्षकवार पूर्ण करें। कृषकों को कृषि विभागीय गतिविधियों का लाभ किसानों को अधिक से अधिक समयबद्ध मिले इसका क्रियान्वयन विभागीय अधिकारी सुनिश्चित करें।
मासिक तकनीकी कार्यशाला विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक व खण्ड बीकानेर, चूरू व जैसलमेर के कृषि, उद्यानिकी, आत्मा के वरिष्ठ अधिकारी बी एल डाबला, बी आर बाकोलिया, मुकेश गहलोत, राजेश गोदारा, रघुवर दयाल सुथार, रामकिशोर मेहरा, मीनाक्षी शर्मा, रमेश भाम्भू, प्रदीप चौधरी, सोमेश तंवर, मेघराज बंजारा, अब्दुल अमीन, पूनम इत्यादि उपस्थित रहे।
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नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक ने किया आरसेटी कार्यालय का निरीक्षण
बीकानेर, 27 फरवरी। नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. आर. रवि बाबू ने शुक्रवार को एसबीआई-आरसेटी का निरीक्षण किया। इस अवसर पर एसबीआई के उप महाप्रबंधक श्री अरविंद भट्ट, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री रमेश तंबिया, लीड जिला प्रबंधक श्री एल.आर. मोडासिया तथा संस्थान के निदेशक श्री रूपेश शर्मा उपस्थित रहे। मुख्य महाप्रबंधक ने संस्थान में संचालित विभिन्न स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रमों, प्रशिक्षण व्यवस्थाओं एवं अभिलेखों का अवलोकन किया तथा प्रशिक्षणार्थियों से संवाद किया। उन्होंने ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
डॉ. आर. रवि बाबू ने कहा कि ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान स्वरोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं तथा राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक द्वारा ऐसे प्रयासों को निरंतर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। भारतीय स्टेट बैंक के उप महाप्रबंधक श्री अरविंद भट्ट ने कहा कि बैंक प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार स्थापित करने हेतु ऋण एवं अन्य वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। जिला विकास प्रबंधक श्री रमेश तंबिया ने संस्थान के कार्यों को प्रभावी बताते हुए कौशल विकास के क्षेत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
लीड जिला प्रबंधक श्री एल.आर. मोडासिया ने प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न बैंक योजनाओं से जोड़कर स्वरोजगार स्थापित करने पर बल दिया। संस्थान के निदेशक श्री रूपेश शर्मा ने संस्थान की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी देते हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान संस्थान की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया गया तथा भविष्य में प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
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मरू बीकाणा वन मेला-2026: ‘पंच गौरव’ के जरिए हरित राजस्थान का संकल्प; तुंबा अचार और हर्बल गुलाल रहे आकर्षण का केंद्र
बीकानेर, 27 फरवरी। बीकानेर संभाग की समृद्ध वन संपदा, पारंपरिक मरुस्थलीय ज्ञान और वन-आधारित आजीविका को एक सशक्त वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से शुक्रवार को ‘संभाग स्तरीय मरू बीकाणा वन मेला-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। वन विभाग द्वारा ग्रामीण हाट में आयोजित इस एक दिवसीय मेले ने न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि ‘आत्मनिर्भर राजस्थान’ की दिशा में स्वयं सहायता समूहों की क्षमता का प्रदर्शन भी किया।
25 स्टॉल्स पर मरुधरा की अनूठी झलक
राज्य सरकार के ‘पंच गौरव’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस मेले में बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और चूरू जिलों से आई वन सुरक्षा समितियों और राजीविका समूहों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रमुख उत्पाद: मेले में तुंबा का अचार, मोरिंगा पाउडर, और गाय के गोबर से बने गौ-काष्ठ उत्पाद चर्चा का विषय रहे। आगामी होली को देखते हुए फूलों से तैयार हर्बल गुलाल की स्टॉल्स पर भारी भीड़ उमड़ी।
प्रजातियाँ: मरू क्षेत्र की जीवन रेखा माने जाने वाले खेजड़ी, रोहिड़ा और शीशम जैसी प्रजातियों के संरक्षण और उनके आर्थिक लाभों के बारे में करीब 25 स्टॉल्स के माध्यम से आमजन को जागरूक किया गया।
विशेषज्ञों का आह्वान: स्थानीय प्रजातियों का करें संरक्षण
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण विशेषज्ञों ने वन और वन्यजीवों के बीच के गहरे अंतर्संबंधों पर प्रकाश डाला।
प्रो. अनिल कुमार छंगाणी, प्रो. प्रताप सिंह और डॉ. श्याम सुन्दर ज्यानी ने अपने व्याख्यान में स्थानीय वनस्पति की महत्ता बताते हुए कहा कि मरुस्थल के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए स्थानीय प्रजातियों को बढ़ावा देना अनिवार्य है। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की अपील की।
आजीविका और पर्यावरण का संतुलन
उप वन संरक्षक श्री जी वेंकटेश ने मेले के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह आयोजन वन सुरक्षा समितियों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक बाज़ार (विपणन) उपलब्ध कराने का प्रयास है। इसका लक्ष्य हरित और आत्मनिर्भर राजस्थान की दिशा में जनसहभागिता को सुनिश्चित करना है।
प्रशासनिक दिग्गजों की मौजूदगी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संभाग प्रभारी श्री उदय शंकर (अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक, जयपुर) थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सोहन लाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संभागीय मुख्य वन संरक्षक श्री हनुमानाराम ने की। मंच का कुशल संचालन सहायक वन संरक्षक डॉ. पूजा पंचारिया द्वारा किया गया।
