बीकानेर के 4 अप्रैल सरकारी समाचार
बीकानेर के सरकारी समाचार



- उप निरीक्षक/प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 5 और 6 अप्रैल को
- जिला कलेक्टर ने परीक्षा से जुड़े प्रत्येक कार्मिक को गंभीरता और जिम्मेदारी से कार्य करने के दिए निर्देश
- राजस्थान लोक सेवा आयोग के प्रत्येक निर्देश की हो पालना, परीक्षा की शुचिता रहे बरकरार: जिला कलेक्टर
बीकानेर, 4 अप्रैल। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा उप निरीक्षक/प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2025 का आयोजन 5 और 6 अप्रैल को दो-दो सत्रों में जिले के 48 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा।


जिला कलेक्टर निशांत जैन और पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने शनिवार को परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की और इससे जुड़े सभी कार्मिकों को पूर्ण गंभीरता तथा जिम्मेदारी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता बनी रहे। इसे पूर्ण पारदर्शी तरीके से आयोजित करवाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी कार्मिक, राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देश अच्छी तरह से पढ़ लें तथा इनकी अक्षरशः पालना हो। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही असहनीय होगी।


जिला कलेक्टर ने बताया कि अतिरिक्त जिला कलेक्टर (नगर) श्री रमेश देव परीक्षा समन्वयक होंगे तथा 32 उप समन्वयक लगाए गए हैं। परीक्षा के लिए 8 सतर्कता दल बनाए गए हैं। इनमें राजस्थान प्रशासनिक सेवा, राजस्थान पुलिस सेवा के अलावा शिक्षा विभाग के एक-एक अधिकारी को सम्मिलित किया गया है। प्रत्येक दल छह-छह केंद्रों की निगरानी रखेंगे। जिला कलेक्टर ने सभी सतर्कता दलों के तीनों अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने तथा आज (शनिवार) ही समस्त केंद्रों का संयुक्त विजिट करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नगर) चक्रवर्ती सिंह राठौड़ पुलिस के नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
जिला कलेक्टर ने बताया कि परीक्षा के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसके दूरभाष नंबर 0151-2226031 हैं। उन्होंने नियंत्रण कक्ष के माध्यम से सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने प्रश्न पत्रों और परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, वीडियोग्राफी, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के आसपास यातायात प्रबंधन की व्यवस्था के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर आयोग के दिशा निर्देश की प्रतियां रहें। कोई भी अधिकारी/कार्मिक परीक्षा केंद्र में मोबाइल नहीं ले जा सकेगा। परीक्षा से जुड़े प्रत्येक कार्मिक को ऑफिशियल पहचान पत्र रखना होगा।
परीक्षा समन्वयक रमेश देव ने बताया कि दोनों दिन प्रथम पारी प्रातः 11 से दोपहर 1 तथा दूसरी पारी दोपहर 3 से सायं 5 बजे तक होगी। परीक्षा के लिए प्रतिदिन कुल 15 हजार 432 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। कुल 48 केंद्रों में 33 सरकारी और 15 निजी केंद्र हैं। वहीं 1 हजार 651 वीक्षक तथा 63 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। निजी परीक्षा केंद्र पर दो-दो तथा सरकारी परीक्षा केंद्र के लिए एक-एक पर्यवेक्षक लगाया गया है। पुलिस नियंत्रण कक्ष (0151-2220602) भी इस दौरान पूर्ण सक्रिय रहेगा।
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- आगामी खरीफ सीजन की उर्वरक व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटा कृषि विभाग
- कृषि आदान विक्रेता फर्मों का किया निरीक्षण
बीकानेर, 4 अप्रैल। कृषि आयुक्तालय, जयपुर के आदेशानुसार व अतिरिक्त निदेशक कृषि त्रिलोक कुमार जोशी व संयुक्त निदेशक कृषि मदनलाल के मार्गदर्शन व नेतृत्व में शनिवार को बीकानेर में अनुदानित यूरिया के गैर कृषि कार्य /औद्योगिक उपयोग डायवर्जन रोकने हेतु एक दिवसीय विशेष अभियान के तहत कृषि उर्वरक विक्रेता फर्मों का निरीक्षण आदान निरीक्षक द्वारा किया गया ताकि आगामी खरीफ सीजन के मध्य नजर किसानों को पर्याप्त उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इसी क्रम में कृषि आदान निरीक्षक उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बीकानेर मुख्यालय पर कृषि आदान विक्रेता फर्मों के विक्रय परिसर एवं गोदामों का सघन निरीक्षण कर उर्वरक स्टॉक का जायजा लिया। गहलोत ने निरीक्षण के दौरान उर्वरक विक्रेताओं को पोस मशीन एवं गोदाम में उपलब्ध उर्वरक के स्टॉक को दुरूस्त करने के निर्देश दिए गए एवं आगामी खरीफ सीजन हेतु क्षेत्र की मांग अनुसार उर्वरकों उपलब्धता सुनिश्चित करने की सलाह दी ताकि आगामी खरीफ सीजन में क्षेत्र के किसानों को समय पर मांग अनुसार यूरिया एवं डीएपी व अन्य उर्वरकों की व्यवस्था करवाई जा सके। यदि उर्वरक विक्रेताओं की पोस मशीन के उर्वरक स्टॉक एव गोदाम में उपलब्ध उर्वरक स्टॉक में अंतर पाया जाएगा उनके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। संयुक्त निदेशक कृषि मदनलाल ने बताया कि जिले की ग्राम सेवा सहकारी समिति एवं क्रय विक्रय सहकारी समितियों को कृषि आदान वितरण हेतु अधिकाधिक क्रियाशील करवाया जाएगा एवं पात्र एवं इच्छुक समितियों को उर्वरक लाइसेंस जारी कर उर्वरक की आपूर्ति करवाई जाएगी ताकि स्थानीय स्तर पर ही आगामी समय में समिति के द्वारा क्षेत्र के किसानों को उर्वरकों का वितरण करवाया जा सके। बीकानेर मुख्यालय पर निरीक्षण के दौरान कृषि अधिकारी रमेश भाम्भू व सहायक कृषि अधिकारी राजेंद्र पहाड़िया टीम के साथ रहें।
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- पांडुलिपि संरक्षण और डिजिटलीकरण कार्यों का किया निरीक्षण, 15 हजार पृष्ठों की स्कैनिंग पूर्ण
बीकानेर, 4 अप्रैल। राजस्थान ललित कला अकादमी एवं पंडित जवाहर लाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. रजनीश हर्ष ने शनिवार को श्री अगरचंद भैरोंदान सेठिया जैन पारमार्थिक सेवा संस्थान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में चल रहे पांडुलिपि संरक्षण, सूचीकरण एवं डिजिटलीकरण कार्यों का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान संस्थान के अध्यक्ष सुरेन्द्र सेठिया ने संस्थान की गतिविधियों एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि वर्तमान में यह कार्य संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत किया जा रहा है। इस परियोजना का क्लस्टर सेंटर विश्वगुरुदीप आश्रम शोध संस्थान, जयपुर है। इस पहल के माध्यम से प्राचीन पांडुलिपियों को आधुनिक तकनीक की सहायता से सुरक्षित एवं संरक्षित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 15,000 पृष्ठों का सफलतापूर्वक स्कैनिंग कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। डॉ. रजनीश हर्ष ने संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने संस्थान के प्रयासों को प्रेरणादायक बताया। संस्थान द्वारा किए जा रहे ये प्रयास न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश में सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।
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- डबल इंजन सरकार ने लूणकरणसर के विकास को दी रफ्तार
- खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने किए विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास
- बीकानेर, 4 अप्रैल। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर क्षेत्रवासियों को अनेक विकास सौगातें दीं।
इस दौरान ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मंत्री गोदारा ने डबल इंजन सरकार की नीतियों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। लूणकरणसर क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है और विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।
गोदारा ने पीपेरा में 35 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि हमारी परंपरागत चिकित्सा पद्धतियां बेहद कारगर हैं। हमें इन्हें भी प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने आम गुवाड़ में सामुदायिक भवन एवं गौशाला में टीन शेड का लोकार्पण किया।इस अवसर पर मंत्री गोदारा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार गांव-गांव तक सुविधाएं पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
खाद्य मंत्री ने मलकीसर बड़ा में सामाजिक कार्यक्रम में भाग लिया। स्थानीय लोगों से जनसंवाद करते हुए आमजन की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करती है तथा इससे योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना संभव होता है।
ढाणी पांडूसर में 46.50 लाख रुपये की लागत से पशु चिकित्सालय भवन का शिलान्यास एवं ट्यूबवेल का लोकार्पण किया। इस दौरान मंत्री ने कहा कि पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए पशु चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है और सरकार इस दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
इसके पश्चात राजासर उर्फ करणीसर में 1 करोड़ 59 लाख रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का शिलान्यास किय। मंत्री श्री गोदारा ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं ग्रामीण विकास की मजबूत आधारशिला हैं और प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है।
उन्होंने कागासर में ट्यूबवेल एवं 5 लाख रुपये की लागत से पाइपलाइन का लोकार्पण किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पेयजल उपलब्धता से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने इसे सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताया।
इस दौरान गोदारा ने कहा कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ किए जाएं। साथ ही अधिकारियों को पारदर्शिता, समयबद्धता और नियमित जनसुनवाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि लूणकरणसर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्य राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं और आने वाले समय में क्षेत्र में और अधिक विकास कार्य किए जाएंगे।
इस दौरान कानाराम गोदारा, कैलाश सारस्वत, राजू दास स्वामी, गोदारा, सरपंच हेतराम गोदारा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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अवैध खनन पर सख्ती: लगातार दो दिन की कार्यवाहियां
मुर्रम खनन पर 9.84 लाख और सिलिका सैंड पर 3.10 लाख रुपए का लगाया जुर्माना
बीकानेर, 4 अप्रैल। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार अवैध खनन को लेकर बेहद गंभीर है और अवैध खनन एवं परिवहन के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इसी श्रृंखला में राजस्व विभाग की सूचना पर खान विभाग, राजस्व विभाग एवं पुलिस की संयुक्त कार्यवाही के दौरान तहसील बज्जू के पंचपीठ की ढाणी की रोही में अराजीराज एवं नहर के पट्टी की भूमि में खनिज मुर्रम का अवैध खनन करते एक पोकलेन मशीन को जब्त किया गया।
खनि अभियंता महेश प्रकाश पुरोहित द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मौके पर 2160 टन खनिज मुर्रम का अवैध खनन पाया गया। अवैध खननकर्ता के रूप में त्रिलोक सिंह निवासी गोगड़ियावाली (बज्जू) का नाम सामने आया, हालांकि वह मौके पर मौजूद नहीं मिला। इस प्रकरण में कुल 9 लाख 84 हजार रुपये की शास्ति आरोपित की गई है।
कार्रवाई के दौरान बज्जू तहसीलदार मदन सिंह यादव, खनिज कार्य निदेशक अनिरुद्ध सिंह भाटी एवं रमेश गहलोत के साथ बज्जू पुलिस का जाब्ता मौजूद रहा।
वहीं दूसरी कार्रवाई में अवैध सिलिका सैंड से भरे दो वाहनों को जब्त कर पुलिस थाना नाल को सुपुर्द किया गया। इन वाहनों पर कुल 3 लाख 10 हजार रुपये की शास्ति आरोपित की गई, जिसमें से 1 लाख 55 हजार रुपये की राशि वसूल कर ली गई है।
पुरोहित ने बताया कि जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार आगे भी इसी तरह सख्ती जारी रखी जाएगी और अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
