बीकानेर के सरकारी समाचार
बीकानेर के सरकारी समाचार



बीकानेर नगर स्थापना दिवस समोराह 15 से आयोजित होंगी विभिन्न गतिविधियां, तैयारी बैठक आयोजित


बीकानेर, 9 अप्रैल। बीकानेर नगर के स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा 15 से 19 अप्रैल तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसकी तैयारियों से संबंधित बैठक गुरुवार को अतिरिक्त कलक्टर (नगर) रमेश देव की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने बताया कि राव बीकाजी संस्थान, लक्ष्मीनाथ मंदिर पर्यावरण विकास समिति एवं नगर थरपणा उछब समिति द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा।


राव बीकाजी संस्थान द्वारा 15 से 17 अप्रैल तक महारानी सुदर्शन कला दीर्घा में एंटीक्स प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसी श्रृंखला में 16 अप्रैल को महिला मण्डल स्कूल हाँल में सायं 6 बजे लोकगीत परम्परा गायन, 17 अप्रैल को चौपाटी परिसर में सायं 6 बजे त्रिभाषा काव्य संगम, 18 अप्रैल को प्रातः 11 बजे होटल लक्ष्मी निवास पैलेस में विचार गोष्ठी, 19 अप्रैल को प्रातः 7 बजे राव बीकाजी प्रतिमा स्थल जूनागढ़ के पास राव बीकाजी प्रतिमा पूजन एवं सम्मान समारोह से राव बीकाजी प्रतिमा स्थल पर मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा।
लक्ष्मीनाथ मंदिर पर्यावरण विकास समिति द्वारा 16 अप्रैल को लक्ष्मीनाथ मंदिर में चंदा महोत्सव तथा 17 अप्रैल को सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।
नगर थपरणा उछब समिति द्वारा 17 अप्रैल को लक्ष्मीनाथ मंदिर में गढ़ गणेश मंदिर पूजन और बारह गुवाड़ में सांस्कृतिक कार्यक्रम और कवि सम्मेलन, 18 को धरणीधर मैदान में चंदा महोत्सव तथा जस्सूसर गेट के अंदर दीपदान का कार्यक्रम किया जाएगा।
इसी श्रृंखला में देवस्थान विभाग द्वारा बीकानेर स्थापना दिवस पर लक्ष्मीनाथ मंदिर एवं देशनोक स्थित करणी माता मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम किया जाएगा।
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने कहा कि नगर स्थापना दिवस से जुड़े कार्यक्रम पूरे उत्साह के साथ मनाए जाएं। इनमें अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी के प्रयास किए जाएं। उन्होंने नगर निगम को कार्यक्रम स्थलों पर साफ-सफाई, पुलिस विभाग को सुरक्षा सहित संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक में बीकानेर विकास प्राधिकरण के सचिव कुलराज मीणा, नगर निगम राजस्व अधिकारी प्रगति सोलंकी, देवस्थान विभाग सहायक आयुक्त गौरव सोनी, राव बीकाजी संस्थान से नरेन्द्र सिंह स्याणी, राजेन्द्र जोशी, कमल रंगा, अजीज भुट्टा, नगर थरपणा उछब समिति से दीपक पारीक और आशा आचार्य, लक्ष्मीनाथ मंदिर पर्यावरण समिति से सीताराम कच्छावा, कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी संजय पुरोहित आदि मौजूद रहे।
========
कृषि अधिकारियों की खण्डीय समीक्षा बैठक आयोजित
ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम) में अधिकाधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलावार प्लान करें तैयार-अतिरिक्त निदेशक (कृषि)
बीकानेर, 9 अप्रैल। कृषि विभाग के अधिकारियों की खण्डीय समीक्षा बैठक गुरूवार को अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) श्री त्रिलोक कुमार जोशी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष में अर्जित की गए कृषि विभागीय भौतिक व वित्तीय प्रगति पर समीक्षा की गई।
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने 23 से 25 मई को जयपुर में आयोजित होने जा रहे, ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)-2026 आयोजन के संदर्भ में पाॅवर पांइन्ट प्रजन्टेशन के माध्यम से बताया।
ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम) एक अंतर्राष्ट्रीय आयोजन है, जिसमें निवेशकों, एग्री-उद्यमियों, एग्रीटेक डेवलपर्स, शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और किसानों की भागीदारी होनी है। अतिरिक्त निदेशक कृषि जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम में अधिकाधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलावार प्लान तैयार कर तद्नुसार क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार कर लें। राज्य सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम ग्राम, आपणों खेत आपणी खाद, धरती माता बचाओ अभियान को अधिकारी पूर्ण गंभीरता से लेते हुए तदनुसार प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।बीकानेर संभाग से 6000 से अधिक किसानों की भागीदारी ग्राम में होनी है, जिसमें बीकानेर से 2520, जैसलमेर से 1380 तथा चूरू से 2100 से भी अधिक किसान भाग लेंगे। कृषि अधिकारी ग्राम आयोजन में प्रगतिशील नवाचारी कृषकों का सेमिनार, क्रांफ्रेस में भाग लेने हेतु व अवार्ड के लिए भी चयन कर लेवें। जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करने के लिए 30 अप्रैल तक चल रहें ‘आपणों खेत-आपणी खाद’ अभियान की प्रगति की समीक्षा की व प्रगतिशील किसानों, कृषि सखियों, सीआरपी, कृषक मित्र व नमो ड्रोन दीदी की ज्यादा से ज्यादा संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
धरती माता बचाओ अभियान की भी समीक्षा करते हुए विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए की रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर बल दिया जावें, कृषि निरीक्षक फील्ड में रहकर या सुनिश्चित करें की उर्वरकों का प्रयोग कृषि को छोड़कर अन्य व्यवसायिक कार्यों में ना हो।
बैठक में खण्ड बीकानेर, चूरू व जैसलमेर के कृषि, उद्यानिकी, आत्मा के वरिष्ठ अधिकारी जीवनराम भाखर, मदनलाल, राजकुमार कुल्हरि, धर्मवीर डूडी, जयदीप दोगने, रेणु वर्मा, मुकेश गहलोत, सुभाष विश्नोई, सुरेन्द्र मारू, मीनाक्षी शर्मा, राजेश गोदारा, राजूराम, रघुवर दयाल, रमेश भाम्भू, विनोद कुमार ने भाग लिया।
======
मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना अंतर्गत पेंशनर्स व बच्चों का होगा वार्षिक सत्यापन
बीकानेर, 9 अप्रैल। मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना के अंतर्गत लाभान्वित पेंशनर्स एवं बच्चों का वार्षिक सत्यापन किया जाएगा। योजना के तहत अनाथ बच्चों, विधवा महिलाओं एवं उनके बच्चों को नियमित पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिवर्ष जुलाई माह में सत्यापन आवश्यक है।
लाभार्थी ई-मित्र कियोस्क के माध्यम से भी अपना वार्षिक सत्यापन करवा सकते हैं। सत्यापन हेतु लाभार्थियों को अपना जनआधार कार्ड एवं योजना से जुड़े 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का वर्ष 2025-26 का अध्ययन प्रमाण पत्र (विद्यालय/आंगनबाड़ी द्वारा जारी) प्रस्तुत करना होगा। प्रमाण पत्र में विद्यालय का नाम, पता, कक्षा, प्रधानाचार्य का नाम एवं मोबाइल नंबर अंकित होना आवश्यक है। सत्यापन प्रक्रिया ओटीपी या बायोमेट्रिक के माध्यम से पूरी की जाएगी।
इसके अतिरिक्त लाभार्थी संबंधित ब्लॉक के सामाजिक सुरक्षा अधिकारी (पंचायत समिति) कार्यालयों — बीकानेर, श्रीडूंगरगढ़, नोखा, कोलायत, खाजूवाला एवं लूणकरणसर तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जिला बीकानेर और संयुक्त निदेशक कार्यालय रानी बाजार में भी उपस्थित होकर सत्यापन करवा सकते हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एल. डी. पंवार ने बताया कि वर्ष 2025-26 में सत्यापन पूर्ण होने पर ही लाभार्थियों को नियमित रूप से पेंशन का भुगतान किया जाएगा। वर्तमान में योजना के तहत 437 विधवा महिलाओं, उनके 256 बच्चों एवं 3 अनाथ बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है।
===
सभी अधिकारी राज्य सरकार की बजट घोषणाओं को दें सर्वोच्च प्राथमिकता-निशांत जैन, जिला कलेक्टर
जिला कलेक्टर ने वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 की बजट घोषणाओं को लेकर की समीक्षा बैठक
बीकानेर, 09 अप्रैल। जिला कलेक्टर श्री निशांत जैन ने कहा कि जिले के सभी अधिकारीगण राज्य सरकार की बजट घोषणाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। श्री जैन गुरुवार शाम को कलेक्ट्रेट सभागार में राज्य सरकार की वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 बजट घोषणाओं की समीक्षा कर रहे थे।
जिला कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों से कहा कि बजट घोषणाओं को समय पर पूरा करवाने में अपनी महती भूमिका निभाएं। किसी भी स्तर पर कोई दिक्कत आए तो मुझे पर्सनली बताएं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को बजट घोषणाओं से संबंधित कार्यों के कार्यादेश जारी होने, शुरू होने और उनके पूर्ण होने की संभावित तारीख भी उल्लेखित करने हेतु निर्देशित किया।
जिला कलेक्टर ने चिकित्सा, बिजली, कृषि, उच्च शिक्षा, पशुपालन, कला एवं संस्कृति, सहकारिता, वन, तकनीकी शिक्षा, पुलिस, रीको, उद्योग और स्वायत्त शासन विभाग से संबंधित एक-एक बजट घोषणाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए उन्हें जल्द पूरी करवाने को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया।
इससे पूर्व एसीएम श्री रणजीत बिजारणियां ने बजट घोषणाओं की जिले में प्रगति को लेकर बताया कि पिछले तीन वर्षों में जिले में कुल 268 बजट घोषणाएं की गई है जिनमें से 51 पूरी हो चुकी, 102 पूरी होने के प्रोसेस में है। 20 में स्वीकृति जारी होनी है और 77 के प्रपोजल गए हुए है व 18 में अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई हैं।
बैठक में जिला कलेक्टर के अलावा नगर निगम कमिश्नर श्री सिद्धार्थ पालानिचामी ,सीईओ जिला परिषद सुश्री शैलजा पांडेय, एडीएम प्रशासन सुरेश कुमार यादव, आईएएस सुश्री स्वाति शर्मा, निगम उपायुक्त यशपाल आहूजा, बीडीए सचिव कुलराज मीणा, डीआईजी स्टांप श्रीमती मनीषा लेघा समेत सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
===========
जिला कलक्टर रहे श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के दौरे परः विभिन्न कार्यालयों का किया निरीक्षण, सुनी जनसमस्याएं
पूर्ण गंभीरता से कार्य करें अधिकारी, बजट घोषणाओं का करें समयबद्ध क्रियान्वयन : जिला कलक्टर
बीकानेर, 9 अप्रैल। जिला कलक्टर श्री निशांत जैन ने गुरुवार को सेरूणा, जोधासर और श्रीडूंगरगढ़ में विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया तथा श्रीडूंगरगढ़ में आयोजित ब्लाॅक स्तरीय जनसुनवाई में आमजन की समस्याएं सुनी। जिला कलक्टर ने ब्लॉक स्तर पर फ्लेगशिप योजनाओं एवं बजट घोषणाओं की समीक्षा की। सभी अधिकारियों को पूर्ण गंभीरता से कार्य करते हुए आमजन को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने सेरूणा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया। यहां दवाइयों की उपलब्धता, स्टाफ की उपस्थिति के बारे में जाना। मरीजों से व्यवस्था संबंधी फीडबैक लिया तथा परिसर में साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए। उन्होंने यहां वार्ड, लैब तथा मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा वितरण केन्द्र की व्यवस्थाएं देखी। उन्होंने सेरूणा में संचालित सार्वजनिक पुस्तकालय का निरीक्षण किया तथा यहां विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बेहतर वातावरण उपलब्ध करवाने को कहा।
सुनी जनसमस्याएं, योजनाओं की जानी प्रगति
इस दौरान जिला कलक्टर ने श्रीडूंगरगढ़ में आयोजित ब्लाॅक स्तरीय जनसुनवाई में आमजन की समस्याएं सुनी। इस अवसर पर श्रीडूंगरगढ़ विधायक श्री ताराचंद सारस्वत भी मौजूद रहे। जनसुनवाई में राजस्व विभाग से जुड़े 13, नगरपालिका और विद्युत निगम की 8-8, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग की 6-7, जलदाय विभाग की 4, पंचायत और रसद से जुड़े 3-3 सहित कुल 51 प्रकरण प्राप्त हुए। जिला कलक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का नियम सम्मत निस्तारण करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने सभी ब्लाॅक स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। श्रीडूंगरगढ़ उपखण्ड क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की। फ्लेगशिप योजनाओं की प्रगति के बारे में जाना तथा पूर्ण गंभीरता से इनका क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। क्षेत्र से जुड़ी बजट घोषणाओं की प्रगति का विभागवार रिव्यू किया। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी अपने विभाग से जुड़ी घोषणाओं और योजनाओं की नियमित समीक्षा करें तथा यह सुनिश्चित करें कि यह कार्य निर्धारित समय पर हों। किसी प्रकार की समस्या पर तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत करवाएं।
जीएसएस का किया निरीक्षण, गोद भराई रस्म में निभाई भागीदारी
जिला कलक्टर ने श्रीडूंगरगढ़ में 220 केवी जीएसएस का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां विद्युत सप्लाई और छीजत की स्थिति के बारे में जाना। उन्होंने कहा कि आगामी गर्मी के मौसम के मद्देनजर यहां नियुक्त कार्मिक अधिक सतर्कता से कार्य करें तथा प्रत्येक समस्या का त्वरित रेसपोंस हो। उन्होंने जोधासर में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। प्रवेशोत्सव की प्रगति जानी तथा शिक्षकों से व्यवस्था संबंधी फीडबैक लिया।
जिला कलक्टर ने यहां आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया। यहां संचालित सेवाओं के बारे में जाना तथा गोद भराई रस्म में भागीदारी निभाई। उन्होंने पोषण ट्रेकर मोबाइल ऐप का अवलोकन किया तथा कहा कि कोई भी पात्र महिला अथवा बच्चा इनका लाभ लेने से वंचित नहीं रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे, उपखण्ड अधिकारी श्री शुभम शर्मा सहित विभिन्न अधिकारी साथ रहे।
===
सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स करेंगें सरकारी योजनाओं का प्रचार
बीकानेर स्थापना दिवस पर होगी प्रतियोगिता
बीकानेर, 9 अप्रैल। जिले के सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स सरकारी योजनाओं को प्रचारित करने में अपना योगदान देंगे।
इस संबंध में गुरुवार को सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय में बैठक आयोजित हुई। इस दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से योजनाओं के प्रसार की रूपरेखा पर विचार विमर्श किया गया। इस दौरान जिला प्रशासन के आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स के जरिए योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
उपनिदेशक (जनसंपर्क) डॉ. हरि शंकर आचार्य ने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स की जानकारी दी और इनके प्रभावी उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज के दौर में सोशल मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है। जनसंपर्क विभाग द्वारा फेसबुक, एक्स और इंस्ट्राग्राम के माध्यम इनका प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसमें इन्फ्लूएंसर्स भी अपनी भागीदारी निभाएं।
बीकानेर स्थापना दिवस पर विशेष अभियान
आचार्य ने बताया कि बीकानेर स्थापना दिवस पर 15 से 19 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान बीकानेर की कला, संस्कृति, परंपरा, रीति-रिवाज, हवेलियां, खानपान और रहन-सहन जैसे विषयों पर वीडियो और फोटो प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता के वीडियो विभाग के इंस्टाग्राम हैंडल पर अपलोड किए जाएंगे। सर्वश्रेष्ठ कंटेंट, अधिकतम व्यूज और प्रभावशाली प्रेजेंटेशन के आधार पर विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
बैठक में जिला परिषद के आईईसी समन्वयक गोपाल जोशी, जीतू बीकानेरी, अमित सोनी (बीकानेरी काका), सुरेश पारीक, आर्यन बीकानेरी, सोहेल भाटी, रजनी सारस्वत, आरजे मयूर और प्रवीर तंवर सहित अन्य सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स मौजूद रहे।
==========
कृषि खरीफ क्षेत्रीय अनुसंधान एवं विस्तार सलाहकार समिति (जर्क) कार्यशाला आयोजित
खरीफ फसलों के प्राप्त परिणामों पर किया गया चिंतन
बीकानेर, 09 अप्रैल। कृषि अनुसंधान केन्द्र, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर में गुरूवार को कृषि खरीफ क्षेत्रीय अनुसंधान एवं विस्तार सलाहकार समिति (जर्क) कार्यशाला का आयोजन किया गया। अतिरिक्त निदेशक कृषि विस्तार त्रिलोक कुमार जोशी, क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक डॉ भुपेन्द्र सिंह शेखावत, अनुसंधान निदेशक डॉ एन के शर्मा व अध्यक्ष काजरी नवरत्न पंवार ने कृषि वैज्ञानिकों से चर्चा की ।जर्क कार्यशाला में खण्ड बीकानेर के बीकानेर, चुरू, जैसलमेर के कृषि, उधानिकी, आत्मा के वरिष्ठ अधिकारी व विश्वविद्यालय तथा कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिकों ने भाग लिया।
अतिरिक्त निदेशक कृषि विस्तार त्रिलोक कुमार जोशी ने कहा कि कृषि अनुसंधान व आधुनिक तकनीक किसानों तक पहुंचाने के लिए विभाग और वैज्ञानिकों को और समन्वित प्रयास करने होंगे। अनुसंधान निदेशक डॉ एन के शर्मा ने बताया कि अनुसंधान से निकलकर सामने आई नई फसल किस्मों को जोन की पैकेज ऑफ पैकि्टेसेज में सम्मिलित किया जाएगा जिससे अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सकें। काजरी के अध्यक्ष डॉ नवरत्न पंवार ने कहा कि जल के समुचित व अधिकतम उपयोग के लिए किसानों को बूंद-बूंद सिंचाई के महत्व को समझना होगा। कृषि व उद्यानिकी फसलों की पैकेज ऑफ प्रेक्टिसेज पर विस्तार से चर्चा की गई। क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक डॉ भूपेंद्र सिंह शेखावत ने भूमि पोषकता पर विस्तार से बात रखी। उन्होंने कहा कि अधिक उत्पादन के लिए किसानों को रासायनिक उर्वरकों यूरिया, डीएपी, एसएसपी को कम कर जैविक खाद कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट व हरी खाद का उपयोग बढ़ाना होगा। इस परिचर्चा में कृषि वैज्ञानिक प्रो. अमर सिंह गोदारा, डॉ शीश राम यादव, डॉ शीशपाल, डॉ ए के शर्मा, डॉ पी एस राठौड़, डॉ बी डी एस नाथावत, डॉ विजय सिंह, डॉ एन एस नाथावात व विभागीय अधिकारी संयुक्त निदेशक मदनलाल, दीपक कपिला, जीवन राम, राजकुमार कुलहरि, उपनिदेशक जयदीप दोगने, रेणु वर्मा, सहायक निदेशक उद्यान मुकेश गहलोत, सुरेन्द्र मारू, राजेश गोदारा, सुभाष विश्नोई, राजूराम डोगीवाल, रधुवर दयाल, रूबीना परवीन, प्रदीप चौधरी, मीनाक्षी, ममता, महेन्द्र प्रताप, रमेश भाम्भू, जोधराज, सोमेश तंवर, मेघराज आदि ने भाग लिया।
==========
किसानों को बीज उत्पादन से जोड़ने के लिए केवीके वैज्ञानिक दें मागदर्शन – डॉ दुबे
बीज उत्पादन और स्थानीय खेती से जुड़ाव ही किसानों की समृद्धि का संवाहक – कृष्ण मुरारी
केवीके प्रभारियों के साथ की गई चर्चा
बीकानेर, 9 अप्रैल। बीज उत्पादन, परम्परागत और स्थानीय खेती से किसानों को जोड़ने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्रों को अतिरिक्त प्रयास करने होंगे।
स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के वीसी सभागार में गुरुवार को केवीके वैज्ञानिकों के साथ चर्चा आयोजित कर इस दिशा में विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए। कुलगुरु डॉ राजेंद्र बाबू दुबे ने कहा कि बीज उत्पादन में केवीके बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। केवीके के माध्यम से आधुनिकतम कृषि तकनीक खेतों तक पहुंच सकी है। लेकिन खेती को लाभकारी बनाने के लिए किसानों को वर्तमान मांग व आवश्यकता के अनुरूप नवाचार भी अपनाने होंगे। बीज उत्पादन में किसानों की सहभागिता के संदर्भ में चर्चा करते हुए कुल गुरु ने कहा कि बीज उत्पादन में किसानों का वैज्ञानिक मागदर्शन आवश्यक है। गुणवत्ता के साथ कोई समझौता ना हो, इसके लिए समुचित मॉनिटरिंग की जरूरत है। इस कार्य में किसानों की सहभागिता के लिए केवीके रोडमैप बनाकर प्रयास करें। उन्होंने झूझनूं स्थित ,आबूसर केवीके के कार्य की विशेष सराहना की।
विषय विशेषज्ञ वैद्य कृष्ण मुरारी ने कहा कि बीज के क्षेत्र में वर्तमान में किसान परावलंबी हुआ है, इससे खेती की लागत बढ़ी है। केवीके वैज्ञानिकों के मागदर्शन में किसान बीज उत्पादन का नवाचार अपनाकर कृषि व्यवसाय को नयी दिशा दे सकते हैं। इससे किसानों को सस्ता बीज उपलब्ध होगा, उनकी आय बढ़ेगी तथा विश्वविद्यालय को भी नयी पहचान मिलेगी। विश्वविद्यालय इस दिशा में विशेष प्रयास करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के पास जमीन और सिंचाई संसाधनों की सीमा है। सरकार की खाली पड़ी जमीन तथा फार्मर्स फील्ड सहभागिता के जरिए बीज उत्पादन के लिए प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भिजवाए जा सकते हैं।
कृष्ण मुरारी ने कहा कि किसान को लाभकारी खेती के लिए पशुपालन और पौधारोपण भी अपनाना होगा। केवीके वैज्ञानिक स्थानीय प्रजाति की पौध तैयार करने में किसानों की मदद करें। उर्वरक व खरपतवार का अंधाधुंध प्रयोग स्वास्थ्य और मृदा के लिए नुकसानदायक है। ऐसे में कृषि के परम्परागत तरीकों के बारे में किसानों को सही प्रशिक्षण दिया जाना भी सुनिश्चित करना होगा।
प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ दीपाली धवन ने आभार व्यक्त किया।
बैठक में झूझनूं केवीके प्रभारी डॉ दयानंद, बीकानेर केवीके प्रभारी डॉ दुर्गाशंकर, पदमपुर केवीके प्रभारी डा सीमा चावला, पोकरण केवीके प्रभारी डॉ दशरथ , जैसलमेर केवीके प्रभारी डॉ दीपक चतुर्वेदी, चांदकोठी केवीके प्रभारी डॉ बलवीर सिंह, बीकानेर द्वितीय केवीके प्रभारी डॉ राजेश शिवराण सहित डॉ मदन लाल रैगर, डॉ
रामनिवास ने बीज उत्पादन की वर्तमान स्थिति तथा अन्य सुझाव दिए।
