नगर निगम बीकानेर का 699 करोड़ का बजट प्रस्ताव सरकार को प्रेषित, पिछले वर्ष की तुलना में 42 करोड़ की बढ़ोतरी
नगर निगम बीकानेर का 699 करोड़ का बजट प्रस्ताव सरकार को प्रेषित



बीकानेर, 5 मार्च । नगर निगम बीकानेर ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 699.48 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी बजट तैयार कर अनुमोदन के लिए राज्य सरकार को भेज दिया है। वर्तमान में निर्वाचित बोर्ड के अभाव में प्रशासन द्वारा तैयार यह बजट पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) के 657.43 करोड़ रुपये के बजट से लगभग 42 करोड़ रुपये (6.39 प्रतिशत) अधिक है। इस बार के बजट का मुख्य केंद्र राजस्व में वृद्धि और शहर के बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण रखा गया है।


निगम ने इस बजट में शहर को ‘स्मार्ट’ बनाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष वित्तीय प्रावधान किए हैं। प्रस्तावित बजट के अनुसार, 70 करोड़ रुपये सिटी मोबिलिटी प्लान पर खर्च किए जाएंगे ताकि शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारा जा सके। इसके अलावा 10 करोड़ रुपये स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, 5 करोड़ रुपये नाइट टूरिज्म (रात्रि पर्यटन) और 3 करोड़ रुपये ऑक्सीजोन विकसित करने के लिए आवंटित किए गए हैं। आवारा श्वानों की समस्या के समाधान हेतु 3 करोड़ रुपये से डॉग शेल्टर बनाने का भी प्रस्ताव है।


राजस्व बढ़ाने के लिए निगम ने यूडी टैक्स (UD Tax) की वसूली में तेजी लाने, खाली भूखंडों के विक्रय और एलईडी विज्ञापनों से आय अर्जित करने पर विशेष फोकस किया है। बजट में 25 लाख रुपये पशु मेलों के आयोजन के लिए भी रखे गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इन निवेशों से बीकानेर की विरासत (Heritage) के संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। अब शहरवासियों की नजरें राज्य सरकार की अंतिम स्वीकृति पर टिकी हैं, जिससे विकास कार्यों को गति मिल सके।
इन मदों से होगी आय
117 करोड़ रुपए चुगी कर पुर्नभरण,9.50 करोड़ रुपए नगरीय विकास कर ,8.50 करोड़ रुपए भूमि विक्रय, 3.25 करोड़ रुपए शास्तियां आदि,2.50 करोड़ रुपए रीको क्षेत्र सफाई से, 2 करोड़ रुपए भवन निर्माण अनुज्ञा,2 करोड़ रुपए भूमि रुपांतरण,
2 करोड़ रुपए फायर एनओसी, 1 करोड़ रुपए जन्म-मृत्यु पंजीयन, 1 करोड़ रुपए यूजर चार्जेज, 1 करोड़ रुपए पार्किंग शुल्क, 1 करोड़ रुपए अन्य आय,80 लाख रुपए स्लेज वाटर, 70 लाख रुपए मृत पशु ठेका।
इन मदों में राशि होगी खर्च
95 करोड़ रुपए अमृत योजना, 50 करोड़ रुपए शहरी नाला, 15 करोड़ 15वां वित्त आयोग, 14 करोड़ रुपए अन्नपूर्णा रसोई,12.50 करोड़ जिला उत्थान,10 करोड़ डीएफएफटी, 7 करोड़ रुपए शहरी रोजगार गारंटी योजना, 5 करोड़ रुपए एसबीएम , 3 करोड़ गोपालन अनुदान, 2.50 करोड़ रुपए लक्ष्मीनाथ पुलिया, 2.5 करोड़ एम पी नगर सड़कें, 2.50 करोड़ डीजल-पेट्रोल, 2 करोड़ रुपए सेना भर्ती, 1 करोड़ शहरी आजीविका मिशन।
