बीकानेर की लक्ष्मीनाथ घाटी में मची अफरा-तफरी, मुख्य पाइपलाइन फटने से घरों में घुसा पानी, लाखों लीटर पानी बर्बाद
बीकानेर की लक्ष्मीनाथ घाटी में मची अफरा-तफरी


बीकानेर, 17 मार्च । बीकानेर के पुराने शहर के लक्ष्मीनाथ घाटी क्षेत्र में मंगलवार सुबह जल विभाग की लापरवाही और पुरानी पाइपलाइन के चलते बड़ा हादसा हो गया। पेयजल आपूर्ति की 14 इंच की मुख्य पाइपलाइन अचानक फट गई, जिससे लाखों लीटर शुद्ध पेयजल सड़कों पर बह गया और गलियों ने नदी का रूप ले लिया।


घरों में घुसा पानी, मचा हड़कंप
पाइपलाइन फटने का धमाका इतना तेज था कि कुछ ही मिनटों में पानी का दबाव बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर गया।
नदी बनी गलियां: तेज बहाव के कारण लक्ष्मीनाथ घाटी से जुड़ी तंग गलियां जलमग्न हो गईं।
घरेलू नुकसान: पानी का स्तर इतना बढ़ गया कि वह लोगों के कमरों और रसोई तक जा पहुंचा। निवासियों का घरेलू सामान, अनाज और फर्नीचर भीगने से भारी नुकसान हुआ है। सुबह के समय हुए इस घटनाक्रम से क्षेत्र के लोग सहम गए।


जलदाय विभाग की मशक्कत
घटना की जानकारी मिलने के काफी देर बाद जलदाय विभाग (PHED) की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। रिसाव इतना बड़ा था कि मुख्य वॉल्व को बंद करने के बावजूद पाइपों में भरा पानी घंटों बहता रहा। कर्मचारियों को लीकेज वाली जगह को चिह्नित करने और बहाव को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए घंटों कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
बार-बार हो रहे हादसों से आक्रोश
स्थानीय निवासियों ने विभाग के प्रति कड़ा रोष जताया है। लोगों का कहना है कि इसी स्थान पर कुछ महीने पहले भी पाइपलाइन फटी थी। पुरानी और जर्जर हो चुकी पाइपलाइनों को बदलने के बजाय विभाग केवल ‘पैचवर्क’ (अस्थायी मरम्मत) कर अपना पल्ला झाड़ लेता है।
पेयजल किल्लत वाले इस शहर में लाखों लीटर पानी की बर्बादी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। फिलहाल विभाग ने मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन शहर के एक बड़े हिस्से में शाम की पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहने की संभावना है।
