नालंदा स्कूल में गूंजी गौरेया की चहचहाहट, विश्व गौरेया दिवस और राजस्थान स्थापना दिवस पर विशेष आयोजन

विश्व गौरेया दिवस और राजस्थान स्थापना दिवस पर विशेष आयोजन
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quicjZaps 15 sept 2025

बीकानेर, 19 मार्च । बीकानेर के नालंदा पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की करुणा क्लब इकाई द्वारा बुधवार को ‘विश्व गौरेया दिवस’ की पूर्व संध्या और ‘राजस्थान स्थापना दिवस’ के उपलक्ष्य में एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने जहाँ एक ओर अपनी सांस्कृतिक जड़ों को याद किया, वहीं दूसरी ओर लुप्त होती नन्हीं गौरेया के संरक्षण का संकल्प भी लिया।

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विलुप्त होती गौरेया के लिए नन्हे हाथों की पहल
शाला प्राचार्य राजेश रंगा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि प्रतिवर्ष 20 मार्च को ‘विश्व गौरेया दिवस’ मनाया जाता है। उन्होंने शहरीकरण और बढ़ते प्रदूषण के कारण संकट में आई इस प्रजाति के प्रति चिंता व्यक्त की।

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प्रेरणादायी कार्य: कार्यक्रम के दौरान शाला की चार नन्हीं छात्राओं— कृतिका रंगा, कनिषा रंगा, हर्षिता रंगा और ध्वनि रंगा के साहस और संवेदनशीलता की सराहना की गई। इन बालिकाओं ने एक घायल गौरेया के बच्चे को न केवल जीवनदान दिया, बल्कि उसके पूर्ण संरक्षण और पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी उठाई है।

संरक्षण के उपाय: करुणा क्लब के सहप्रभारी आशिष रंगा ने पक्षियों को बचाने के व्यावहारिक तरीके बताए, जिनमें घरों की छतों पर परिंडे (दाना-पानी) रखना, कृत्रिम घोंसले लगाना और खेतों में जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देना शामिल है।

राजस्थान स्थापना दिवस: त्याग और शौर्य का स्मरण
प्राचार्य राजेश रंगा ने 30 मार्च को आने वाले ‘राजस्थान स्थापना दिवस’ के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रयासों से विभिन्न रजवाड़ों का विलय हुआ और 1949 में आधुनिक राजस्थान का स्वरूप सामने आया। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए प्रदेश की गौरवशाली विरासत से रूबरू कराया।

जीव रक्षा का संकल्प
करुणा क्लब प्रभारी हरिनारायण आचार्य ने विश्व गौरेया दिवस के वैश्विक उद्देश्यों—नेचर फॉरएवर सोसायटी (भारत) और इकोसिस एक्शन फाउंडेशन (फ्रांस) के सहयोग की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं द्वारा किए गए जीव रक्षा के कार्य को करुणा क्लब की गतिविधियों की वास्तविक सफलता बताया। विद्यालय परिवार ने इस अवसर पर पर्यावरण और जीव-जंतुओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की शपथ ली।

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