बाल कृष्ण ठाकुर जी संग भक्तों ने खेली फूलों की होली; भजनों की गंगा में बहा मोहल्ला
बाल कृष्ण ठाकुर जी संग भक्तों ने खेली फूलों की होली; भजनों की गंगा में बहा मोहल्ला


- नत्थूसर बास में जीवंत हुआ ‘छोटा वृंदावन’
बीकानेर, 25 फरवरी। बीकानेर के नत्थूसर बास की तंग गलियों में बुधवार को भक्ति और श्रद्धा का ऐसा सैलाब उमड़ा कि समूचा परिवेश ‘वृंदावन’ के रंग में रंगा नजर आया। सुथारों की गली (चुंगी चौकी के पास) में आयोजित भव्य ‘फाग उत्सव’ में भक्तों ने अपने आराध्य बाल कृष्ण ठाकुर जी के विग्रह के साथ गुलाल और फूलों की होली खेलकर फागुन का आनंद लिया। इस दौरान ‘जय श्री राधे’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा।


मातृशक्ति ने सिर पर धारण किए ‘ठाकुर जी’, भक्तिमय नृत्य से रिझाया
कार्यक्रम के संयोजक योगसा सैनी और नंदकिशोर गहलोत ने बताया कि उत्सव की शुरुआत सुबह 10:00 बजे से ही हो गई थी।


नगर भ्रमण: मोहल्ले की महिलाओं और बहनों ने ठाकुर जी के बाल स्वरूप विग्रह को श्रद्धापूर्वक सिर पर धारण कर क्षेत्र का भ्रमण करवाया। डीजे पर बजते भक्तिमय गीतों और ढोल की थाप ने माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया।
भक्ति और नृत्य: माताओं-बहनों ने ठाकुर जी के समक्ष झूमते हुए नृत्य किया और एक-एक करके प्रभु के विग्रह को होली खेलाई।
इत्र की खुशबू और फूलों की वर्षा: श्याम देरासरी की टीम ने बांधा समां
उत्सव के आकर्षण को कलाकार श्याम देरासरी एवं पार्टी ने अपने भजनों से चरम पर पहुंचा दिया।
सुगंधित वातावरण: दोपहर के समय जैसे ही इत्र की वर्षा शुरू हुई, समूचा नत्थूसर बास सुगंध से सराबोर हो गया।
पुष्प होली: इसके तुरंत बाद फूलों की होली का दौर शुरू हुआ, जिसमें ठाकुर जी के विग्रह पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाई गईं। उपस्थित जनसमूह इस मनोरम दृश्य को देख मंत्रमुग्ध हो गया।
सेवाभाव और व्यवस्थाओं का संगम
इस दिव्य उत्सव को भव्य और व्यवस्थित बनाने में रामकिशोर तंवर, शिव जी और मुकेश जी जैसे सेवाभावी जनों ने सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजन समिति ने बताया कि बीकानेर की परंपरा के अनुसार फाग का यह उत्सव आपसी भाईचारे और कृष्ण भक्ति को समर्पित रहा, जिसमें मोहल्ले के हर घर ने अपनी सहभागिता दर्ज करवाई।
