राजकीय डूंगर महाविद्यालय में गूंजा ‘नशामुक्त समाज’ का संकल्प; कार्यशाला में युवाओं को दिलाई शपथ


बीकानेर, 10 जनवरी । राजकीय डूंगर महाविद्यालय में शुक्रवार को ‘नई किरण नशा मुक्ति केंद्र’ के तत्वावधान में एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे की बढ़ती लत के घातक शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्परिणामों से अवगत कराना और उन्हें एक स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करना था।


कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए केंद्र के संयोजक डॉ. महेंद्र थोरी ने युवाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि नशा न केवल एक व्यक्ति के जीवन को अंधकार में धकेलता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज की नींव को खोखला कर देता है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा को नशे के बजाय शिक्षा, खेलकूद और रचनात्मक कार्यों में लगाएं, जो उनके और देश के भविष्य के लिए हितकारी हो।


मुख्य वक्ता और विख्यात जीवन प्रबंध प्रशिक्षक डॉ. गौरव बिस्सा ने अपने संबोधन में नशे के कारण समाज में बढ़ रहे अपराधों, बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़े चिकित्सकीय और मनोवैज्ञानिक पहलुओं के साथ-साथ कड़े कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी। डॉ. बिस्सा ने युवाओं को ‘नशामुक्ति दूत’ बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का संचालन सहायक आचार्य डॉ. रविकांत व्यास ने किया, जिन्होंने समाज सुधार में शैक्षणिक संस्थानों की निर्णायक भूमिका को रेखांकित किया। केंद्र सचिव डॉ. केशरमल ने केंद्र की आगामी गतिविधियों और अभियानों का खाका प्रस्तुत किया। कार्यशाला के अंत में उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से नशामुक्त जीवन अपनाने और दूसरों को इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ली। डॉ. निर्मल रांकावत ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।








