मंत्रालयिक कर्मचारियों की DPC में देरी पर आक्रोश; कर्मचारी संघ ने अतिरिक्त निदेशक से की वार्ता


बीकानेर, 07 जनवरी। शिक्षा विभाग में मंत्रालयिक संवर्ग (Ministerial Staff) के अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति (DPC) में हो रहे विलंब को लेकर बुधवार को शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ ने कड़ा रुख अपनाया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने निदेशालय में अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) शैलेन्द्र देवड़ा (RAS) से मुलाकात कर वर्ष 2017 से लंबित रिव्यू डीपीसी और सत्र 2025-26 की नियमित डीपीसी को लेकर विस्तृत वार्ता की।


2017 से लंबित है कैडर रिव्यू आधारित DPC
प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने वार्ता के दौरान इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि संस्थापन अधिकारी (EO), प्रशासनिक अधिकारी (AO) और अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी (AAO) के पदों पर 01 अप्रैल 2017 से कैडर रिव्यू के आधार पर होने वाली रिव्यू डीपीसी अब तक अधूरी है।


मार्गदर्शन का इंतजार: निदेशालय द्वारा राज्य सरकार को भेजे गए मार्गदर्शन पत्रों पर अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है, जिससे पदोन्नति की प्रक्रिया सचिवालय स्तर पर अटकी पड़ी है।
आर्थिक हानि: आचार्य ने अवगत कराया कि कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक और वरिष्ठ सहायक से सहायक प्रशासनिक अधिकारी पदों पर होने वाली डीपीसी में देरी के कारण कर्मचारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सरकार की मंशा और कर्मचारियों का आक्रोश
कर्मचारी संघ ने अतिरिक्त निदेशक को स्पष्ट किया कि एक ओर जहाँ माननीय शिक्षा मंत्री और राज्य सरकार समय पर डीपीसी करने के निर्देश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण मंत्रालयिक कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है।
मंडल स्तर की देरी: निदेशालय के साथ-साथ मंडल स्तरों पर भी डीपीसी की कछुआ चाल से पदोन्नति की राह देख रहे कर्मचारी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
अतिरिक्त निदेशक का आश्वासन
अतिरिक्त निदेशक शैलेन्द्र देवड़ा ने संघ की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि राज्य सरकार के स्तर पर लंबित मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए विभाग द्वारा त्वरित प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस प्रक्रिया में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर कर जल्द ही योग्य कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिलाने की कोशिश की जाएगी।








