शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ ने घेरा निदेशालय, वरिष्ठता निर्धारण और डीपीसी में देरी पर जताया भारी रोष
शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ ने घेरा निदेशालय


बीकानेर, 23 फरवरी। शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ राजस्थान-बीकानेर ने सोमवार को शिक्षा निदेशालय के उच्चाधिकारियों के समक्ष मंत्रालयिक कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर जोरदार पैरवी की। संघ के प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा निदेशक सीताराम जाट (IAS) और अतिरिक्त निदेशक शैलेंद्र देवड़ा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विस्तृत वार्ता की।


2018 के कनिष्ठ सहायकों की वरिष्ठता और पदोन्नति की मांग


वार्ता के दौरान प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने मुख्य रूप से राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा वर्ष 2018 में चयनित कनिष्ठ सहायकों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों की वरिष्ठता का निर्धारण कर इन्हें जल्द पदोन्नत किया जाना चाहिए। साथ ही, स्कूल शिक्षा विभाग में मंत्रालयिक पदों के पुनर्गठन के बाद राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत पदों की वृद्धि या कमी का आवंटन शाला और कार्यालय वार निदेशालय के बजट अनुभाग से जारी कर आईएफएमएस (IFMS) पोर्टल पर अपडेट करने की मांग की गई।
डीपीसी में विलंब से आर्थिक नुकसान पर आक्रोश
संघ ने निदेशालय और मंडल स्तर पर पदोन्नतियों (DPC) में हो रही देरी पर कड़ा ऐतराज जताया। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को अवगत कराया कि निदेशालय स्तर पर संस्थापन अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी और मंडल स्तर पर सहायक प्रशासनिक अधिकारी एवं वरिष्ठ सहायक पदों पर 1 अप्रैल 2017 से रिव्यू प्रक्रिया लंबित है।
नियमित डीपीसी: वर्ष 2025-26 की नियमित डीपीसी में विभाग द्वारा किए जा रहे विलंब के कारण कर्मचारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। 1986 के कनिष्ठ सहायकों की रिव्यू डीपीसी को लेकर भी पुरजोर मांग की गई।
हितकारी निधि और अन्य वित्तीय मांगें
कर्मचारी संघ ने मांग की कि विभाग के पास जमा हितकारी निधि की राशि को किसी नेशनल बैंक में जमा कराया जाए ताकि उसका पारदर्शी और सुरक्षित प्रबंधन सुनिश्चित हो सके। प्रदेशाध्यक्ष ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि विभाग इन तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों में अविलंब सुधार नहीं करता है, तो कर्मचारियों में पनप रहा आक्रोश उग्र रूप ले सकता है। शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अनुभागों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
