अग्निकांड में बीकानेर संभाग के पुगलिया और सेठिया परिवार की खुशियां मातम में बदलीं 8 की मौत, बिहार से आए रिश्तेदार भी काल के गाल में समाए

इंदौर अग्निकांड: EV चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से दहला रिहायशी इलाका
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quicjZaps 15 sept 2025

इंदौर अग्निकांड: EV चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से दहला रिहायशी इलाका; डिजिटल लॉक न खुलने से घर बना ‘मौत का पिंजरा’

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बीकानेर/इंदौर, 18 मार्च । इंदौर के ग्रेटर बृजेश्वरी क्षेत्र में बुधवार तड़के हुए रोंगटे खड़े कर देने वाले अग्निकांड ने बीकानेर संभाग के सादुलपुर मूल निवासी पुगलिया और सेठिया परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस घर में कल तक मांगलिक कार्यों और रिश्तेदारों के आगमन की चहल-पहल थी, वहां आज केवल चीख-पुकार और राख का ढेर बाकी है। इस भीषण त्रासदी में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया और उनके परिवार सहित कुल 8 लोगों की जान चली गई।

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रिश्तेदारों का जमावड़ा बना काल का ग्रास
जानकारी के अनुसार, मनोज पुगलिया के घर पर एक पारिवारिक आयोजन चल रहा था, जिसके चलते बिहार के किशनगंज से सेठिया परिवार के कई सदस्य इंदौर आए हुए थे। मंगलवार को ही ये रिश्तेदार पहुंचे थे और बुधवार तड़के यह भयावह हादसा हो गया।

गर्भवती बहू की मौत: हादसे में मनोज पुगलिया की पुत्रवधू सिमरन की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है, जो गर्भवती थीं।

अपनों को खोने का दर्द: मृतकों में 6 लोग मनोज के करीबी रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। खुशियों के माहौल में शामिल होने आए मेहमानों को अंदाजा भी नहीं था कि इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग उनके लिए जानलेवा साबित होगी।

डिजिटल लॉक और धमाकों ने नहीं दिया संभलने का मौका
हादसे के वक्त घर के डिजिटल लॉक नहीं खुलने के कारण अंदर फंसे लोग बाहर नहीं निकल सके। खिड़कियों से उठती लपटों और एक के बाद एक हुए गैस सिलेंडर धमाकों ने बचाव की हर कोशिश को नाकाम कर दिया। आस-पास के लोगों ने बताया कि घर के अंदर से आ रही चीखें सुनकर भी वे बेबस थे क्योंकि आग की तीव्रता बहुत अधिक थी।

 

सादुलपुर (बीकानेर)  और किशनगंज में शोक की लहर
पुगलिया और सेठिया परिवार का नाता राजस्थान और बिहार के व्यापारिक समुदायों से गहराई से जुड़ा है। हादसे की खबर मिलते ही बीकानेर और किशनगंज में शोक की लहर दौड़ गई है। समाज के प्रबुद्ध जनों और व्यापारिक संगठनों ने इस अपूर्णीय क्षति पर गहरा दुख व्यक्त किया है। शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के ग्रेटर बृजेश्वरी क्षेत्र में बुधवार तड़के एक हृदयविदारक हादसा हो गया। घर के बाहर खड़ी एक इलेक्ट्रिक कार (टाटा पंच) को चार्ज करते समय हुए शॉर्ट सर्किट ने देखते ही देखते तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण आग और उसके बाद हुए गैस सिलेंडर धमाकों में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया और उनकी गर्भवती बहू सहित 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

हादसे की मुख्य वजह: EV चार्जिंग और गैस सिलेंडर
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के अनुसार, प्राथमिक जांच में सामने आया है कि घर के बाहर इलेक्ट्रिक गाड़ी चार्जिंग पर लगी थी। चार्जिंग पॉइंट में हुए जोरदार धमाके के बाद आग गाड़ी से होती हुई घर के अंदर तक फैल गई।

विस्फोटों की गूंज: घर के अंदर लगभग 15 गैस सिलेंडर रखे थे, जिनमें से एक के बाद एक 4 सिलेंडरों में ब्लास्ट हुआ। धमाके इतने शक्तिशाली थे कि मकान का एक हिस्सा ढह गया।

ज्वलनशील पदार्थ: मृतक मनोज पुगलिया पॉलीमर और रबर का कारोबार करते थे, जिसके चलते घर में भारी मात्रा में ज्वलनशील केमिकल भी रखे थे, जिसने आग में घी का काम किया।

डिजिटल लॉक ने छीना बचने का मौका
हादसे के दौरान सबसे बड़ी चुनौती घर की सुरक्षा प्रणाली बनी। चश्मदीदों और पुलिस के अनुसार, घर में लगे डिजिटल लॉक बिजली कटने या तकनीकी खराबी के कारण जाम हो गए और खुल नहीं पाए। अंदर सो रहे लोग धुएं और लपटों के बीच फंस गए और उन्हें बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। तड़के 3:30 से 4:00 बजे के बीच जब यह हादसा हुआ, उस समय घर में पारिवारिक आयोजन के चलते बिहार के किशनगंज से आए रिश्तेदार भी मौजूद थे। मृतकों में 6 लोग मनोज के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।
मृतकों के नाम
मनोज पुगलिया / Manoj Pugalia (65, मकान मालिक), सिमरन / Simran (30, गर्भवती पुत्र वधु ), विजय सेठिया / Vijay Sethia (65) निवासी किशनगंज , सुमन सेठिया / Suman Sethia (60),छोटू सेठिया / Chhotu Sethia (22), राशि सेठिया / Rashi Sethia (12, बच्ची), टीनू / Tinu (35), तनय / Tanmay (6, बच्चा)
घयलों के नाम
सौरभ पुगलिया / Saurabh Pugalia (30),आशीष / Ashish (30)
हर्षित पुगलिया / Harshit Pugalia (25),(चौथा नाम कुछ रिपोर्ट्स में सुनिता / Sunita या अन्य रेस्क्यू किए गए व्यक्ति के रूप में आया है, लेकिन स्पष्ट नहीं)

रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की कार्रवाई
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि फायर ब्रिगेड और आपदा प्रबंधन की टीमों ने रात भर चले ऑपरेशन के बाद आग पर काबू पा लिया है। मलबे से एक बच्चे का शव भी बरामद किया गया है। स्थानीय निवासियों ने फायर ब्रिगेड के देरी से पहुंचने का आरोप लगाया है, जिससे आक्रोश की स्थिति बनी हुई है।

यह घटना आधुनिक तकनीक (EV और डिजिटल लॉक्स) के सुरक्षित उपयोग और रिहायशी इलाकों में ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण को लेकर गंभीर चेतावनी दे रही है। मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

इंदौर में जिस परिवार में यह हादसा हुआ है, वह सादुलपुर के मालू परिवार के भांजे तथा सादुलपुर के ही स्व. पूनम चन्द जी पुगलिया के पुत्र मनोजजी का है इस हादसे में मनोज जी तथा परिवार के अन्य कई लोग काल कलवित हो गए हैं। बहुत ही दु:खद घटना हुई है। मगर नियति के क्रूर कालचक्र के समक्ष हर व्यक्ति बेबश होता है। थार एक्सप्रेस परिवार की पुत्री रूचि जैन के ससुराल वाले पुगलिया परिवार को भगवान सम्बल प्रदान करें व प्रभु अरिहंत देव स्वर्गवासी आत्माओं को परम शांति तथा जलने से घायल हुए परिजनों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।

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