बीजेपी जनता को कंडे और लकड़ी के युग में ले जाना चाहती है
बीजेपी जनता को कंडे और लकड़ी के युग में ले जाना चाहती है


- जयपुर में गैस सिलेंडर की ‘शवयात्रा’: कांग्रेस का अनूठा प्रदर्शन
जयपुर, 13 मार्च। राजस्थान की राजधानी जयपुर में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत और आसमान छूती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गैस सिलेंडर की प्रतीकात्मक ‘शवयात्रा’ निकालकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी नेताओं ने अर्थी को कंधा दिया और “राम नाम सत्य है, सिलेंडर बोलो मस्त है” जैसे कटाक्ष भरे नारे लगाए।


रसोई से सिलेंडर और राजनीति से बीजेपी नेता गायब: खाचरियावास
चांदपोल बाजार में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी को सत्ता में लाने का ‘इनाम’ जनता को सिलेंडर की किल्लत के रूप में मिल रहा है।


ऑटो चालकों का संकट: जयपुर में गैस न मिलने के कारण करीब 10 हजार ऑटो रिक्शा बंद हो गए हैं। सरकार को उनके लिए विशेष राहत पैकेज जारी करना चाहिए।
अमीरों की सरकार: खाचरियावास ने आरोप लगाया कि एक तरफ गैस महंगी है, दूसरी तरफ हवाई जहाज का किराया भी बढ़ गया है, जिससे आम आदमी और मध्यम वर्ग पूरी तरह पिस रहा है।
एजेंसियों पर लंबी कतारें और कालाबाजारी के आरोप
शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि लोग गैस बुकिंग के लिए घंटों फोन मिलाते हैं, लेकिन नंबर व्यस्त रहता है। मजबूरन कड़कड़ाती धूप में एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं। वहीं, विधायक रफीक खान और अमीन कागजी ने आरोप लगाया कि आम जनता को गैस नहीं मिल रही, जबकि रसूखदार लोग फोन करके सिलेंडरों की कालाबाजारी करवा रहे हैं।
केरोसिन नहीं, समाधान चाहिए
कांग्रेस नेताओं ने सरकार के उस सुझाव पर भी तंज कसा जिसमें केरोसिन को विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करने की बात कही जा रही है। सुनील शर्मा ने कहा, “आज ये केरोसिन की बात कर रहे हैं, कल कंडे और लकड़ी जलाने को कहेंगे। बीजेपी देश को आधुनिकता से पीछे धकेलकर पुराने युग में ले जाना चाहती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
पुतला दहन और चूल्हे पर खाना
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार का प्रतीकात्मक पुतला फूँका। विरोध स्वरूप सड़क पर ही चूल्हा जलाकर खाना पकाया गया, ताकि सरकार को आम जनता की रसोई के संकट का अहसास कराया जा सके। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आपूर्ति सुचारू नहीं हुई और कीमतें कम नहीं की गईं, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में उग्र रूप लेगा।
