शिक्षा विभाग के पेंशनर्स के लिए खुशखबरी- 27 अप्रैल को लगेगी विशेष ‘पेंशन अदालत’, 25 मार्च तक दर्ज कराएं शिकायतें
शिक्षा विभाग के पेंशनर्स के लिए खुशखबरी- 27 अप्रैल को लगेगी विशेष 'पेंशन अदालत



बीकानेर, 5 मार्च । शिक्षा विभाग के हजारों पेंशनर्स की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विभाग आगामी 27 अप्रैल को बीकानेर संभाग स्तर पर ‘पेंशन अदालत’ का आयोजन करने जा रहा है। यह विशेष अदालत मुख्य रूप से शिक्षा विभाग (प्रारम्भिक और माध्यमिक) से सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों की शिकायतों के निस्तारण के लिए समर्पित होगी।


पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग की अतिरिक्त निदेशक डॉ. पुष्पांजलि श्रीमाली ने बताया कि बीकानेर और चूरू संभाग के संयुक्त निदेशक कार्यालयों के अधीन आने वाले सभी पेंशनर्स अपनी परिवेदनाएं (शिकायतें) 25 मार्च तक संबंधित कार्यालयों में जमा करा सकते हैं। प्राप्त शिकायतों पर शिक्षा और पेंशन विभाग द्वारा 15 अप्रैल तक प्रारंभिक कार्रवाई पूरी की जाएगी, जिसके बाद 20 अप्रैल तक पेंशनर्स को उनकी शिकायत के पंजीकरण और सुनवाई की सूचना दी जाएगी।


पारिवारिक पेंशनर्स को मिलेगी प्राथमिकता
इस पेंशन अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पारिवारिक पेंशनर्स के लिए विशेष रूप से संवेदनशील रहेगी। डॉ. श्रीमाली के अनुसार, विधवा, तलाकशुदा, अविवाहित पुत्री तथा दिव्यांग व्यक्तियों के पेंशन प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर सुना और निपटाया जाएगा। शिक्षा विभाग में पेंशन प्रकरणों की बड़ी संख्या को देखते हुए विभाग ने पहली अदालत को पूरी तरह इसी विभाग के लिए आरक्षित रखा है।
इन कार्यालयों में दे सकते हैं आवेदन
पेंशनर्स अपनी शिकायतें निम्नलिखित स्थानों पर भौतिक या डाक के माध्यम से 25 मार्च तक पहुँचा सकते हैं। माध्यमिक एवं प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर।
पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग निदेशालय, जयपुर। अतिरिक्त निदेशक पेंशन क्षेत्रीय कार्यालय, बीकानेर। संभाग के चारों जिलों के कोष कार्यालय (Treasury Offices)।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ने की सुविधा
पेंशन अदालत में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों का एक पैनल मौजूद रहेगा, जिसमें अतिरिक्त निदेशक पेंशन (संयोजक), शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक और संभाग के कोषाधिकारी शामिल होंगे। पेंशनर्स को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के साथ-साथ ऑनलाइन (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के माध्यम से जुड़ने का विकल्प भी दिया गया है, ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों या अस्वस्थ पेंशनर्स को असुविधा न हो।
