राजस्थान विधानसभा में गूंजा गैंगस्टरों का खौफ; विधायक रविंद्र सिंह भाटी की चेतावनी— ‘रक्तरंजित होने से बचाना होगा प्रदेश
विधायक रविंद्र सिंह भाटी की चेतावनी— 'रक्तरंजित होने से बचाना होगा प्रदेश


जयपुर/बीकानेर, 10 मार्च । राजस्थान विधानसभा के शून्यकाल में आज उस समय सरगर्मी बढ़ गई जब शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने प्रदेश में पैर पसार रहे गैंगस्टर नेटवर्क और संगठित अपराध के मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा। भाटी ने सदन में बेहद सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते विदेशों और जेलों से चल रहे इस ‘नेक्सस’ को नहीं तोड़ा गया, तो राजस्थान को ‘रक्तरंजित’ होने से बचाना मुश्किल होगा। विधायक भाटी ने लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा जैसे गैंगस्टरों के नाम का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘डिब्बा कॉलिंग’ और इंटरनेट कॉलिंग के जरिए आज प्रदेश का प्रतिष्ठित व्यापारी ही नहीं, बल्कि छोटी दुकान चलाने वाला आम आदमी भी खौफ के साये में है।


कैंसर की तरह फैल रहा है गैंगस्टरों का जाल”
विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सदन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आज राजस्थान का हर तबका खौफ में है। जेलों के अंदर बैठे अपराधी और सात समंदर पार विदेशों में बैठे गैंगस्टर राजस्थान में अपना नेटवर्क चला रहे हैं। उन्होंने कहा, “इंटरनेट कॉलिंग और डिब्बा कॉलिंग के जरिए बड़े प्रतिष्ठित व्यापारियों से लेकर छोटी परचून की दुकान चलाने वालों तक को धमकियां मिल रही हैं।” भाटी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल दो सिपाहियों को घर के बाहर तैनात कर देने से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि कई पीड़ित तो पुलिस के पास जाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे हैं। उन्होंने गैंगस्टरों की संपत्तियां अटैच करने और नाबालिगों को अपराध की दुनिया में धकेलने वाले गिरोहों पर यूपी और मुंबई की तर्ज पर ‘स्ट्राइक’ करने की मांग की।


गृह राज्य मंत्री का पलटवार: “पिछली सरकार में था जंगलराज”
भाटी के आरोपों पर जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने सरकार का बचाव किया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में गैंगस्टरों पर 100% अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। मंत्री ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में ‘जंगलराज’ था और व्यापारियों को सरेआम धमकाया जाता था।आंकड़ों की बाजीगरी और विपक्ष के सवाल
जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार से ‘ठोस कार्रवाई’ का ब्यौरा मांगा, तो मंत्री बेढम ने एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की उपलब्धियां गिनाईं। सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। साल 2024 में कुल 36,484 टीमों का गठन किया गया। प्रदेश भर में 1,23,936 स्थानों पर पुलिस ने दबिश दी।
विदेशी गिरफ्तारियां
एजीटीएफ ने इटली से 50 हजार के इनामी अमरजीत बिश्नोई को दबोचा। इसके अलावा सुधा कंवर, आदित्य जैन सोनी और अमित शर्मा उर्फ जय पंडित जैसे अपराधियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की गई।
आधे घंटे की विशेष चर्चा का प्रस्ताव
सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच बढ़ती तल्खी और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली द्वारा ठोस कार्रवाई के ब्यौरे की मांग के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि यदि सदस्य नियमों के तहत प्रस्ताव लाते हैं, तो प्रदेश में बढ़ते संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर सदन में आधे घंटे की विशेष चर्चा कराई जा सकती है।
भले ही सरकार सवा लाख दबिशों का हवाला देकर अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन रविंद्र सिंह भाटी द्वारा उठाए गए सवाल राजस्थान की जनता के मन में बैठे उस गहरे डर को दर्शाते हैं, जिसे खत्म करने के लिए केवल आंकड़ों की नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर अपराधियों के ‘नेक्सस’ को ध्वस्त करने की आवश्यकता है।
